Gem Astrology: रत्नों की जगह धारण करें ग्रह से संबंधित जड़ी बूटी, होंगे फायदे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 29, 2022, 08:55 PM IST

Gem Astrology Tips: यदि आप अपने ग्रह से संबंधित रत्नों को धारण करने में सामर्थ्य नहीं हैं तो इसके लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप ग्रहों से संबंधित जड़ी भी धारण कर सकते हैं। यह रत्नों के समान ही फलकारक होता है।

Gem Astrology: रत्नों की जगह धारण करें ग्रह से संबंधित जड़ी बूटी, होंगे फायदे

Gem Astrology Tips: हर व्यक्ति अपने जीवन में अधिक से अधिक तरक्की करना चाहता है और खुशहाली जीवन व्यतीत करना चाहता लेकिन कभी-कभी मेहनत करन से बावजूद भी जीवन कष्ट से भरा होता है। है। इसका कारण होता है ग्रह-नक्षत्रों से जुड़े दोष। ऐसे में लोग सुख और समृद्धि के लिए ज्योतिष उपायों की सलाह की लेते हैं। ग्रहों और नक्षत्रों की शांति के लिए ज्योतिष ग्रह से संबंधित रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। लेकिन कुछ रत्न काफी महंगे होते हैं, जो हर इंसान की बजट में नहीं होता। ऐसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में इस समस्या के समाधान के बारे में भी बताया गया है। ज्योतिष शास्त्रों में रत्नों की जगह इससे संबंधित जड़ी-बूटी धारण करने की सलाह दी गई है। जानते हैं किस ग्रह के लिए कौन सी जड़ी-बूटी धारण करना चाहिए।

विभिन्न ग्रहों की शांति के लिए धारण करें रत्नों से संबंधित ये जड़ी

सूर्य ग्रह

शास्त्रों में सूर्य को ग्रहों का स्वामी बताया गया है। सूर्य का प्रतिनिधि रत्न माणिक्य है। हालांकि ज्योतिष में आक या अकाव की जड़ धारण करने की सलाह दी गई है।

चन्द्र ग्रह

चन्द्र ग्रह का प्रतिनिधि रत्न मोती है। ज्योतिष में इस ग्रह की शांति के लिए रत्न के रूप में मोती और वनस्पति के रूप में खिरनी की जड़ धारण करने की बात कही गई है।

मंगल ग्रह

मंगल ग्रह का प्रतिनिधि रत्न मूंगा है। हालांकि ज्योतिष शास्त्रों में जटामांसी की जड़ को पहनने की बात कही गई है।

बुध ग्रह

पन्ना बुध का मुख्य रत्न है। इसके स्थान पर विधारा की जड़ भी धारण की जा सकती है।

गुरू ग्रह

देवगुरू बृहस्पति को सभी ग्रहों का प्रधान बताया गया है। पुखराज गुरू को बेहद ही प्रिय है इसके अलावा हल्दी की जड़ और केले का जड़ भी गुरू को काफी भाता है।

शुक्र ग्रह

शुक्र का प्रतिनिधित्व रत्न हीरा है और प्रतिनिधित्व वनस्पति गुलर की जड़ है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह के प्रभाव के लिए हीरा या गुलर की जड़ धारण करने की सलाह दी जाती है।

शनि ग्रह

शास्त्रों में शनि को न्याय का देवता कहा गया है। शनि का प्रिय रत्न नीलम और प्रिय वनस्पति शमी की जड़ है। शनि ग्रह की शांति के लिए ज्योतिष में रत्न के रूप में नीलम या वनस्पति के रूप में शमी की जड़ धारण करने की सलाह दी गई है।

राहु ग्रह

राहु के प्रभाव को शुभ बनाने के लिए बुधवार के दिन नीले कपड़ में सफेद चंदन लपेट कर धारण करना चाहिए।

केतु ग्रह

केतु को कुशा बेहद ही पसंद है। ज्योतिष केतु के प्रभाव को शुभ बनाने के लिए कुशा धारण करने की सलाह देता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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