अध्यात्म

Vastu Tips: तुलसी पौधे के पास भूलकर भी ना रखें ये 5 वस्तुएं, मां लक्ष्‍मी हो जाती है नाराज, रखें इन नियमों का ध्‍यान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 13, 2023, 06:06 PM IST

Vastu Tips For Tulsi : हिन्‍दू धर्म में तुलसी के पौधे को पूज्‍यनीय माना गया है। ज्‍यादातर घरों में तुलसी का पौधा दिख जाता है। तुलसी के सामने नियमित रूप से घी का दीपक प्रवज्‍जलित करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आप के घर में भी तुलसी का पौधा है तो कुछ बातों का ध्‍यान रखें, नहीं तो मां लक्ष्‍मी नाराज हो जाती हैं।

Image

तुलसी पौध के पास भूलकर भी नहीं रखनी चाहिए ये 5 वस्तुएं

KEY HIGHLIGHTS
  • तुलसी पौधे के पास कभी न रखें शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा
  • झाड़ू और कूड़ादान को भी हमेशा तुलसी पौधे से रखें दूर
  • तुलसी के पास जूते-चप्पल रखने से भी मां लक्ष्‍मी हो जाती हैं नाराज

Vastu Tips: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पूज्‍यनीय माना गया है। यही कारण है कि लगभग हर घर में तुलसी पौधा मिल जाता है। तुलसी की पत्‍ती का मंदिर में प्रसाद में रखकर भोग भी लगाया जाता है और घी का दीपक जला तुलसी की पूजा भी की जाती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कई बार हम तुलसी के पौधे के पास कुछ ऐसी चीजें रख देते हैं, जिससे मां लक्ष्‍मी हमशे नाराज हो सकती है। इन गलतियों का जीवन पर बहुत गहरा और नकारात्‍मक असर पड़ता है। यहां पर हम 5 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिसे तुलसी के पौधे के पास इन्‍हें नहीं रखना चाहिए।

जूते-चप्पल

तुलसी माता बेहद ही पवित्र हैं और उनकी पूजा भी की जाती है। इसलिए जहां पर तुलसी का पौधे रखा हो वहां पर जूते-चप्पल नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी का अपमान होता है और वे रुष्‍ट हो सकती हैं। साथ ही इससे आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है।

झाड़ू और कूड़ादान

तुलसी के पौधे के पास कभी भी झाड़ू और कूड़ादान को नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि यह दोनों चीजें घर की साफ-सफाई के लिए इस्‍तेमाल होती हैं और गंदी रहती हैं। झाड़ू और कूड़ादान को तुलसी के पास रखने से घर में दरिद्रता आती है।

शिवलिंग

वास्तु शास्त्र के मुताबिक कभी भी शिवलिंग या शंकर भगवान की तस्‍वीर को तुलसी के पौधे के पास नहीं रखना चाहिए। क्‍योंकि पूर्व जन्‍म में तुलसी का नाम वृंदा था, जो राक्षस जालंधर की पत्‍नी थी और शंकर भगवान ने जालंधर के अत्‍याचार से तंग आकर उसका वध कर दिया था। जिसकी वजह से भगवान शिव की पूजा में तुलसी का उपयोग नहीं होता है।

गणेश की मूर्ति

धार्मिक ग्रंथों में एक पुरानी कथा प्रचलित है, कि एक बार गणेश भगवान नदी के किनारे बैठकर तपस्‍या कर रहे थे। उसी समय तुलसी मैया वहां से निकल रहीं थी और गणेश जी की सु़ंदर छवि को देखकर उनपर मोहित हो गई थी। तभी उन्‍होंने गणेश जी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था और गणेश भगवान ने उनका प्रस्‍ताव ठुकरा दिया था, जिसकी वजह से तुलसी माता ने नाराज गणेश भगवान को दो शादी का श्राप दे दिया था। इसी वजह से माता तुलसी के पास भगवान गणेश की प्रतिमा न ही रखी जाती है और न ही उन्हें तुलसी अर्पित की जाती है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article