अध्यात्म

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है 24 मार्च 2026, आज 6वां नवरात्र है या 7वां, आज के नवरात्र के व्रत में कौन सी देवी की पूजा होगी, आज के नवरात्र का शुभ रंग

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 24 मार्च को छठा नवरात्र है या सातवां (Navratri Day Today 24 March): 24 मार्च 2026 को यानी आज मंगलवार के दिन को कौन सी देवी की पूजा होगी - ये आप यहां जान सकते हैं। आप यहां से जानें कि आज कौन सा नवरात्र रखा जाएगा। आज छठवां नवरात्र या है सातवां। नोट करें आज के नवरात्र का रंग, आज के नवरात्र की कथा, मंत्र और आरती।

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आज नवरात्रि का कौन सा दिन है 24 मार्च 2026

आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 24 मार्च को छठा नवरात्र है या सातवां (Navratri Day Today 24 March): चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। हर दिन माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है, और भक्त पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं। ऐसे में 24 मार्च 2026 को लेकर लोगों के मन में यह सवाल है कि आज नवरात्रि का कौन सा दिन है—छठा या सातवां? आइए जानते हैं आज के दिन का सही महत्व और पूजा से जुड़ी खास बातें।

आज छठा नवरात्र है या सातवां?

पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि 23 मार्च 2026 को शाम 6:38 बजे शुरू होकर 24 मार्च 2026 को शाम 4:07 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर 24 मार्च को नवरात्रि का छठा दिन (षष्ठी) मनाया जाएगा। इसलिए आज का दिन छठा नवरात्र है, न कि सातवां।

आज छठे नवरात्र पर कौन सी माता की पूजा होगी

नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। इन्हें शक्ति, साहस और धर्म की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि माँ कात्यायनी ने ही महिषासुर का वध किया था, इसलिए इन्हें शत्रुओं का नाश करने वाली देवी भी कहा जाता है। माँ कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य होता है। उनका वर्ण स्वर्ण जैसा चमकीला है और वे चार भुजाओं वाली हैं। उनके हाथों में अस्त्र-शस्त्र और कमल होता है, जो शक्ति और सौम्यता दोनों का प्रतीक है।

आज के नवरात्र का शुभ रंग 24 मार्च

नवरात्रि के हर दिन का एक विशेष रंग होता है, जिसे पहनना शुभ माना जाता है। छठे नवरात्र पर हरा रंग धारण करना शुभ होता है। हरा रंग जीवन, समृद्धि और नई ऊर्जा का प्रतीक है। इस रंग को अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन में उत्साह बना रहता है।

आज के नवरात्र की पूजा विधि और भोग

आज के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां कात्यायनी का ध्यान करें। उन्हें पुष्प, अक्षत, रोली अर्पित करें और दीप-धूप जलाएं। भोग में शहद (मधु) अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में मधुरता आती है और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कात्यायन्यै नमः।

आज नवरात्र के छठे दिन की कथा

पौराणिक कथाओं अनुसार एक वन में कत नाम के एक महर्षि रहते थे। उनके पुत्र का नाम कात्य था। कात्य गोत्र में ही महर्षि कात्यायन का जन्म हुआ लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी इसलिए उनकी कामना थी कि मां भगवती उनको पुत्री के रूप में प्राप्त हों। जिसके लिए उन्होंने देवी की घोर तपस्या की। महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी पराम्बा ने उनकी कामना पूरी की और मां उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुईं। महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण ही मां दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कात्यायनी पड़ा। माता कात्यायनी बेहद गुणवती कन्या थी। उन्होंने ही अत्याचारी राक्षस महिषासुर का वध कर तीनों लोकों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। कहते हैं नवरात्रि के दिनों में जो भी भक्त माता कात्यायनी की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है उसकी समस्त मनोकामना पूरी हो जाती हैं।

आज छठे नवरात्र की आरती (मां कात्यायनी की आरती)

जय जय अम्बे, जय कात्यायनी।

जय जगमाता, जग की महारानी।

बैजनाथ स्थान तुम्हारा।

वहां वरदाती नाम पुकारा।

कई नाम हैं, कई धाम हैं।

यह स्थान भी तो सुखधाम है।

हर मंदिर में जोत तुम्हारी।

कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।

हर जगह उत्सव होते रहते।

हर मंदिर में भक्त हैं कहते।

कात्यायनी रक्षक काया की।

ग्रंथि काटे मोह माया की।

झूठे मोह से छुड़ाने वाली।

अपना नाम जपाने वाली।

बृहस्पतिवार को पूजा करियो।

ध्यान कात्यायनी का धरियो।

हर संकट को दूर करेगी।

भंडारे भरपूर करेगी।

जो भी मां को भक्त पुकारे।

कात्यायनी सब कष्ट निवारे।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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