अध्यात्म

2 मार्च 2026 को क्या है, पूर्णिमा है या नहीं, जानें कौन सी तिथि है

आज 2 मार्च 2026 को सोमवार का दिन है। यह दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है। वहीं आज का सूर्य पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल चतुर्दश तिथि में निकलेगा। लेकिन शाम को फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि लग जाएगी। ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आज पूर्णिमा है या नहीं। क्या आज ही ग्रहण लगेगा। क्या आज ही होलिका जलाई जाएगी। यहां जानें इन सब सवालों के सटीक जवाब।

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आज क्या है 2 मार्च 2026 को

आज अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 2 मार्च 2026 की डेट और दिवस सोमवार है। यह दिन भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। वहीं पंचांग की तिथि के अनुसार देखें तो आज का सूर्योदय फाल्गुन शुक्ल चतुर्दश तिथि में होगा। हालांकि आज शाम के आसपास तिथि बदलेगी और फाल्गुन पूर्णिमा आरंभ हो जाएगी। फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि धार्मिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है। शास्त्रानुसार फाल्गुन पूर्णिमा पर ही होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। तो क्या होलिका दहन आज ही मनाया जाएगा, क्या आज ही फाल्गुन पूर्णिमा की डेट मानी जाएगी। क्या आज ही ग्रहण लगेगा। इन सभी सवालों का जवाब यहां आगे जानते हैं।

2 मार्च 2026 को क्या है

आज सोमवार है और पंचांग के अनुसार आज का दिन दो तिथि के योग वाला है। आज का सूर्य पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल चतुर्दश तिथि में उदय होगा। इसके बाद फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि आज शाम 5:55 बजे से शुरू होगी। हालांकि उदया तिथि के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा कल ही मनाई जाएगी। लेकिन कल फाल्गुन पूर्णिमा पर ग्रहण भी लगेगा। इस नाते आज होलिका दहन है।

क्या 2 मार्च 2026 को होलिका दहन है

2026 में होलिका दहन का उत्सव 2 मार्च 2026 की रात को ही मनाया जाना श्रेष्ठ माना जा रहा है। ज्योतिष और पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार चूंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने वाला है, इसलिए कुछ विद्वानों का मत है कि 2 मार्च की शाम को ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा। ऐसे में 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:23 am से 2:34 am तक का समय होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम रहेगा। जो लोग शाम को होलिका दहन करना चाहते हैं, वे 2 मार्च को 6:24 pm से लेकर 6:37 pm के बीच यह कार्य कर सकते हैं।

2 मार्च 2026 को पूर्णिमा है या नहीं

2 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दश तिथि है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि इसी दिन प्रभाव में रहती है और धार्मिक दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी पूर्णिमा पर होलिका दहन का पर्व भी मनाया जाता है। शाम के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहने के कारण पूजा-पाठ और अनुष्ठान किए जाते हैं। चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में दिखाई देता है, इसलिए इस दिन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। दान, स्नान और भगवान विष्णु की आराधना के लिए भी यह दिन शुभ माना जाता है। आज शाम को 5:55 बजे से पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी। ऐसे में चांद आज

2 मार्च 2026 को ग्रहण लगेगा

2 मार्च को ग्रहण नहीं है। 2026 में चंद्र ग्रहण का प्रभाव 3 मार्च को पड़ेगा, जो भारत में दिखाई देगा और उसी दिन चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी चलेगा। इस वजह से कई धार्मिक गतिविधियों को उस दिन टालने की सलाह दी जाती है।

2 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है

2 मार्च 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी, जिससे दिन का महत्व और बढ़ गया है। होलिका दहन की शुभ तिथि भी आज, 2 मार्च की शाम को ही मानी जा रही है। पूजा का उत्तम समय लगभग शाम 6:28 बजे से रात 8:52 बजे (IST) तक रहेगा। विशेष बात यह है कि 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगने वाला है। इसी कारण ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए होलिका दहन आज ही करना श्रेष्ठ और शास्त्रसम्मत माना गया है।

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मेधा चावला
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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