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Aaj Ka Rahu Kaal Ka Samay, 19 April 2023: आज राहुकाल कितने बजे से है, जानें दिन भर के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त और पूरा पंचांग

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 19, 2023, 06:07 AM IST

Aaj Ka Rahu Kaal Ka Samay and Time Kya Hai, 19 April 2023 in Hindi: आज दर्श अमावस्या (Darsha Amavasya 2023) है। सूर्य मेष राशि में है और चंद्रमा मीन में। आज राहुकाल दोपहर के समय रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग यहां।

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Today Rahu Kaal Time 19 April 2023: जानें आज कितने बजे तक रहेगा राहुकाल

Aaj Ka Rahu Kaal Ka Samay and Time Kya Hai, 19 April 2023 in Hindi: आज वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है जो सुबह 11 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि लग जाएगी। इसी अमावस्या तिथि पर 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2023) भी लगेगा। राहुकाल की बात करें दो आज दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक की अवधि राहुकाल की रहेगी। इसी के साथ आज पूरे दिन गण्ड मूल और पंचक भी रहेगा। अब जानिए आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त विस्तार से यहां।

आज का राहुकाल कितने बजे है (Aaj Ka Rahukaal 19 April 2023)

आज राहुकाल दोपहर के समय लगेगा। आज के पंचांग अनुसार राहुकाल का प्रारंभ दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से होगा और इसका समापन दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर हो रहा है। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।

आज का शुभ समय 19 अप्रैल 2023 (Aaj Ka Shubh Samay 19 April 2023)

आज का शुभ मुहूर्तशुभ मुहूर्त टाइम
ब्रह्म मुहूर्त04:24 AM से 05:08 AM
प्रातः सन्ध्या04:47 AM से 05:52 AM
अभिजित मुहूर्तकोई नहीं
विजय मुहूर्त02:30 PM से 03:22 PM
गोधूलि मुहूर्त06:48 PM से 07:10 PM
सायाह्न सन्ध्या06:49 PM से 07:55 PM
अमृत काल09:36 PM से 11:07 PM
निशिता मुहूर्त11:58 PM से 12:42 AM, अप्रैल 20

आज का अशुभ समय 19 अप्रैल 2023 (Today's Inauspicious Time 19 April 2023)

आज का अशुभ मुहूर्तटाइम
राहुकाल12:20 PM से 01:58 PM
यमगण्ड07:29 AM से 09:06 AM
आडल योग05:52 AM से 11:53 PM
विडाल योग05:53 AM से 01:01 AM अप्रैल 19
गुलिक काल10:43 AM से 12:20 PM
दुर्मुहूर्त11:55 AM से 12:46 PM
वर्ज्य11:27 AM से 01:59 PM
गण्ड मूलपूरे दिन
बाणरज 05:58 PM तक
पंचक05:52 AM से 11:53 PM

आज के व्रत-त्योहार (Today's Vrat-Tyohar)

आज दर्श अमावस्या है। दर्श अमावस्या के दिन पितरों की पूजा, तर्पण, स्नान तथा दान करना पुण्य फलदायी माना जाता है। इस दिन पूर्वजों की पूजा होने से इसे श्राद्ध अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन चंद्र देव की पूजा का भी विधान है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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