अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 5 June 2024: पंचांग से जानिए क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 5 June 2024 (आज का पंचांग 5 जून 2024): ज्येष्ठ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 7 बजकर 55 मिनट पर रहेगी। उसके बाद अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी। यहां जानें आज का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 5 June 2024 (आज का पंचांग 5 जून 2024): ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। वहीं इस दिन भैरो बाबा का व्रत भी रखा जाएगा। आज के दिन कृतिका नक्षत्र रहेगा और अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 53 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। राहुकाल का समय दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक रहने वाला है। इस दिन उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें। इस दिशा में दिशा शूल रहेगा। आइए यहां पढ़ें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 5 June 2024 (आज का पंचांग 5 जून 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- चतुर्दशी 07:55pm तक फिर अमावस्या

व्रत-भैरो उपासना व्रत

दिन- बुधवार

सूर्योदय-05:26am

सूर्यास्त-07:15 pm

नक्षत्र- कृतिका

चन्द्र राशि- वृष,स्वामी ग्रह-शुक्र

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण-विष्टि12:34am तक फिर शकुनि

योग- सुकर्मा

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:53am से 12:46 pm

2विजय मुहूर्त-02:27pm से 03:23 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:43 pm से 07:09 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:14am से 05:06am तक

5अमृत काल-06:02am से 07;56 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:51 से 12:46 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:51pm से 07;50pm तक

दिशा शूल -उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें-भैरो उपासना व व्रत रहें। भगवान शिव जी की उपासना करें। मन्दिर में स्वयंभू शिवलिंग का दर्शन करें।बुध व राहु के द्रव्य मूंग व उड़द के दान का बहुत महत्व है। बुधवार का व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा।भगवान गणेश जी के नाम का भी जप करें। ॐ हौं जूं स: महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी शिव मंदिर परिसर में पीपल,आम व बेल का पेड़ लगाएं। आज शक्ति उपासना का भी विशेष महत्व है। बटुक भैरो स्तोत्रम का पाठ करें। शिव मंदिर में रुद्राभिषेक कराएं। गाय को पालक व गुड़ खिलाएं।

क्या न करें- अकेले भोजन मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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