अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 31 May 2024: 31 मई के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 31 May 2024: आज के दिन ज्येष्ठ महीने की अष्टमी तिथि सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद नवमी तिथि की शुरुआत हो जाएगा। यहां जानें आज का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 31 May 2024: आज के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 28 मिनट पर होगा। इसके साथ ही शतभिषा नक्षत्र सुबह 6 बजकर 15 मिनट तक रहने वाला है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त 11:54 से बजे से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। आज के दिन राहुकाल प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस समय में आपको कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। आज के दिन पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहने वाला है। इस दिशा में यात्रा से बचें। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 31 May 2024 (आज का पांचांग)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-ज्येष्ठ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- अष्टमी09:40am तक फिर नवमी

दिन-शुक्रवार

व्रत- वैभव लक्छमी व्रत

सूर्योदय-05:28am

सूर्यास्त-06:52 pm

नक्षत्र- शतभिषा 06:15am तक फिर पूर्वभाद्रपद

चन्द्र राशि- कुम्भ,स्वामी-शनि,11:11pm तक फिर मीन,

स्वामी-गुरु

सूर्य राशि- वृष ,स्वामी -शुक्र

करण-कौलव 09:35am तक फिर तैतिल

योग- विष्कुम्भ

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:54am से 12:46 pm

2विजय मुहूर्त-02:26pm से 03:24 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:43 pm से 07:07 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:12am से 05:05am तक

5अमृत काल-06:03am से 07;55 am तक

6निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:48 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:50pm से 07;52pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल -प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।

क्या करें-माता लक्ष्मी जी व विष्णु जी की उपासना करें। मन्दिर में शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें। शुक्र के द्रव्य शक्कर व घी के दान का बहुत महत्व है। व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा। शुक्र के बीज मंत्र का भी जप करें।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें।धार्मिक सतसंग करें।किसी भी मंदिर परिसर में पाकड़ का पेड़ लगाएं। आज माता दुर्गा जी की उपासना का भी विशेष महत्व है। सिद्धिकुंजिकास्तोत्र का 18 बार पाठ करें। वैभव लक्छमी व्रत रहें। पत्नी को हीरे की अंगूठी गिफ्ट करें।

क्या न करें-पत्नी से कटु भाषा का प्रयोग मत करें। पत्नी का अपमान करने से शुक्र का प्रभाव अच्छा नहीं होता।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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