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Aaj Ka Panchang : आज कितने बजे करें पूजा-पाठ और शुभ काम, पंचांग से जानिए आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त का समय

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग ) 18 June 2026 : आज 18 जून गुरुवार का दिन है। आज कौन से शुभ मुहूर्त हैं, इसकी जानकारी आप पंचांग से ले सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं आज का पंचांग।

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आज का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग ) 18 June 2026 : आज 18 जून 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि सायं लगभग 06:59 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज पुष्य नक्षत्र, व्याघात योग और वणिज एवं विष्टि (भद्रा) करण का संयोग बन रहा है। आगे विस्तार से पढ़ें आज का पंचांग (Daily Panchang) और जानें आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त, तिथि, और नक्षत्र।

सूर्योदय एवं चंद्रोदय (Sunrise and Moonrise)

आज सूर्य का उदय प्रातः लगभग 05:23 बजे और सूर्यास्त सायं लगभग 07:21 बजे होगा। चंद्रमा कर्क राशि में गोचर करते हुए दिनभर शुभ प्रभाव प्रदान करेगा। आज का चंद्रोदय सुबह 8:44 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त 10:28 रात में होगा।

तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)

आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शाम 06:58 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी। पुष्य नक्षत्र सुबह 11:32 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की बात करें तो व्याघात योग शाम 05:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद हर्षण योग प्रारंभ होगा।

करण (Karan)

वणिज करण सुबह 08:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण शाम 06:58 बजे तक रहेगा। फिर वव करण प्रारंभ होगा।

वार एवं पक्ष (Day and Paksha)

आज गुरुवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।

चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)

आज विक्रम सम्वत 2083 सिद्धार्थी, शक सम्वत 1948 पराभव और गुजराती सम्वत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास ज्येष्ठ पूर्णिमांत और ज्येष्ठ अमांत है। प्रविष्टे/गते 4 है।

राशि तथा ग्रह स्थिति (Rashi and Planetary Positions)

आज चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे। इसके अलावा आज सूर्य मिथुन राशि में स्थित हैं और मृगशिरा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।

ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)

द्रिक और वैदिक पंचांग के अनुसार ग्रीष्म ऋतु चल रही है। उत्तरायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 13 घंटे 58 मिनट 01 सेकंड और रात्रिमान 10 घंटे 02 मिनट 08 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:22 बजे होगा।

18 जून के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:03 बजे से 04:43 बजे तक
  • प्रातः संध्या: प्रातः 04:23 बजे से 05:23 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: 11:54 बजे से 12:50 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:38 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:20 बजे से 07:40 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 07:21 बजे से 08:22 बजे तक
  • अमृत काल: प्रातः 05:41 बजे से 07:09 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: 19 जून को रात्रि 12:02 बजे से 12:42 बजे तक
  • गुरु पुष्य योग: प्रातः 05:23 बजे से 11:32 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 05:23 बजे से 11:32 बजे तक
  • अमृत सिद्धि योग: प्रातः 05:23 बजे से 11:32 बजे तक
  • रवि योग: प्रातः 05:23 बजे से 11:32 बजे तक

18 जून के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

  • राहुकाल: दोपहर 02:07 बजे से 03:52 बजे तक
  • यमगण्ड काल: प्रातः 05:23 बजे से 07:08 बजे तक
  • गुलिक काल: प्रातः 08:53 बजे से 10:38 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: प्रातः 10:03 बजे से 10:58 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त (द्वितीय): अपराह्न 03:38 बजे से 04:34 बजे तक
  • वर्ज्य काल: रात्रि 11:34 बजे से 19 जून को 01:05 बजे तक
  • गण्ड मूल: 11:32 बजे से 19 जून प्रातः 05:23 बजे तक
  • भद्रा काल: प्रातः 08:13 बजे से सायं 06:58 बजे तक
  • बाण: अग्नि बाण, सायं 04:21 बजे तक

निवास और शूल (Nivas and Shool)

आज दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। चंद्र वास उत्तर दिशा में रहेगा। राहु वास दक्षिण दिशा में रहेगा। अग्निवास शाम 06:58 बजे तक पाताल में रहेगा। इसके बाद पृथ्वी पर रहेगा। शिववास शाम 06:58 बजे तक क्रीड़ा में रहेगा। इसके बाद कैलाश में रहेगा। कुम्भ चक्र पूर्व दिशा में रहेगा, जो अशुभ माना जाता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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