आज का पंचांग (16 December 2025): आज धनु संक्रांति है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, फिर त्रयोदशी लग जाएगी। नक्षत्र स्वाती दोपहर 2 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, फिर विशाखा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में रहेगा। योग अतिगण्ड दोपहर 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। करण कौलव सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। आज त्रिपुष्कर योग दोपहर 2 बजकर 9 मिनट से रात 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। यह दुर्लभ और शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 7 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 27 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 17 दिसंबर रात 4 बजकर 41 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 2 बजकर 36 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 19 मिनट 46 सेकंड और रात की 13 घंटे 40 मिनट 49 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण द्वादशी रात 11:57 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी। नक्षत्र स्वाती दोपहर 2:09 तक, फिर विशाखा। करण तैतिल रात 11:57 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत), मार्गशीर्ष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 1।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
16 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:18 से 6:12 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:45 से 7:07 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:37 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:00 से 2:41 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:24 से 5:52 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:27 से 6:49 बजे तक
- त्रिपुष्कर योग: दोपहर 2:09 से रात 11:57 बजे तक
16 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:52 से 4:09 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:42 से 10:59 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:17 से 1:34 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:11 से 9:52 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 8:28 से 10:16 बजे तक और रात 10:55 से 11:50 बजे तक
- बाण: मृत्यु – 17 दिसंबर सुबह 4:02 से पूरी रात तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में केतु/ध्वज दोपहर 2:09 तक, फिर श्रीवत्स। तमिल योग में सिद्ध दोपहर 2:09 तक, फिर सिद्ध ही रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में एक नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को (दोपहर 2:09 तक), फिर केतु को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। चंद्र वास पश्चिम में। शिववास रात 11:57 तक नंदी पर, फिर भोजन में। राहु वास पश्चिम, कुंभ चक्र तल में।
