Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 6 October 2026 : 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। आज इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा और एकादशी श्राद्ध भी किया जाएगा। एकादशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। आज चंद्रमा कर्क राशि में रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेंगे और इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। अश्लेषा नक्षत्र रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र शुरू होगा।
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
6 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 1 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 2 बजकर 52 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 23 मिनट पर रहेगा। आज दिनमान 11 घंटे 44 मिनट 56 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 15 मिनट 36 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।
6 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसी दिन इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पितृपक्ष में आने वाली इस एकादशी पर एकादशी श्राद्ध भी किया जाता है। एकादशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी।
आज का नक्षत्र
6 अक्टूबर को अश्लेषा नक्षत्र रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा अश्लेषा नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक, तीसरे पद में शाम 4 बजकर 29 मिनट तक और चौथे पद में रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद मघा नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश करेंगे।
आज का योग और करण
आज सुबह 7 बजकर 20 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। इसके बाद साध्य योग शुरू होगा, जो 7 अक्टूबर की सुबह 5 बजे तक रहेगा। इसके बाद शुभ योग लगेगा। करण की बात करें तो बव करण दोपहर 1 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इसके बाद बालव करण शुरू होगा, जो 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण लगेगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
6 अक्टूबर को चंद्रमा रात 10 बजकर 17 मिनट तक कर्क राशि में रहेंगे। इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं और हस्त नक्षत्र में रहेंगे। सूर्य हस्त नक्षत्र के तीसरे पद में स्थित हैं।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार आश्विन मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव है। गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है।
इंदिरा एकादशी और एकादशी श्राद्ध
आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। पितृपक्ष के दौरान पड़ने की वजह से आज एकादशी श्राद्ध भी किया जाएगा। जिन लोगों के पितरों की श्राद्ध तिथि एकादशी है, वे आज श्राद्ध कर्म, तर्पण और पितरों के निमित्त दान-पुण्य कर सकते हैं। व्रत रखने वाले लोग दिनभर एकादशी के नियमों का पालन करेंगे और भगवान विष्णु की पूजा करेंगे।
ऋतु और अयन
द्रिक गणना के अनुसार आज शरद ऋतु रहेगी, जबकि वैदिक गणना में वर्षा ऋतु मानी गई है। सूर्य दक्षिणायण में स्थित हैं। आज दिनमान 11 घंटे 44 मिनट 56 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 15 मिनट 36 सेकंड रहेगा।
6 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:03 बजे से 6:17 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:07 बजे से 2:53 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:01 बजे से 6:26 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 6:01 बजे से 7:15 बजे तक
- अमृत काल: रात 8:44 बजे से 10:17 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:45 बजे से 12:34 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:17 बजे से रात 10:17 बजे तक
6 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: दोपहर 3:05 बजे से 4:33 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:13 बजे से 10:41 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:09 बजे से 1:37 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:38 बजे से 9:25 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: रात 10:56 बजे से 11:45 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 11:29 बजे से दोपहर 1:02 बजे तक
- गण्ड मूल: पूरे दिन
- कुम्भ चक्र: रात 10:17 बजे तक तल में
आज का आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में आनंद योग रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके बाद कालदण्ड योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 10 बजकर 17 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा, इसके बाद मरण योग शुरू होगा। जीवनम अर्ध रहेगा और नेत्रम रात 10 बजकर 17 मिनट तक एक नेत्र रहेगा। इसके बाद नेत्रहीन की स्थिति रहेगी।
आज का दिशा शूल
6 अक्टूबर को मंगलवार होने के कारण दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा। चंद्रमा रात 10 बजकर 17 मिनट तक उत्तर दिशा में रहेंगे और इसके बाद पूर्व दिशा में चले जाएंगे। राहु वास पश्चिम दिशा में रहेगा।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति रात 10 बजकर 17 मिनट तक राहु में और इसके बाद केतु में रहेगी। अग्निवास 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट तक पाताल में रहेगा। शिववास कैलाश पर रहेगा और 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 34 मिनट तक वहीं स्थित रहेगा। कुम्भ चक्र रात 10 बजकर 17 मिनट तक तल में और इसके बाद कण्ठ में रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
