Aaj Ka 12th Roza Iftar Time: आज 2 मार्च 2026 को रमजान का 12वां रोजा रखा गया है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है और इसे सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस महीने में मुसलमान सुबह फज्र से पहले सेहरी करते हैं और पूरे दिन रोजा रखते हैं। सूर्यास्त के बाद मगरिब की अजान के साथ इफ्तार कर रोजा पूरा किया जाता है।
रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी से हुई थी। अब रमजान का दूसरा अशरा चल रहा है, जिसे मगफिरत का दौर कहा जाता है। इस समय को गुनाहों की माफी का खास मौका माना जाता है। रोजेदार पूरे दिन सब्र और इबादत में वक्त गुजारते हैं और शाम को अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए रोजा खोलते हैं।
आज 2 मार्च के रोजे का इफ्तार कितने बजे है? शहर अनुसार समय (Roza Iftar Timing Today)
इफ्तार हमेशा सूर्यास्त के तुरंत बाद किया जाता है। 2 मार्च 2026 को अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त का समय थोड़ा अलग है, इसलिए इफ्तार का समय भी शहर के हिसाब से बदलेगा। वैसे दिल्ली के अनुसार आज सूर्यास्ता 6 बजकर 21 पर होगा। आइए जानते हैं कि भारत के विभिन्न शहरों में रोजा इफ्तार का समय क्या है?
| शहर का नाम | इफ्तार का समय |
|---|---|
| Delhi (दिल्ली) | 06:23 PM |
| Noida (नोएडा) | 06:22 PM |
| Chennai (चेन्नई) | 06:19 PM |
| Lucknow (लखनऊ) | 06:09 PM |
| Pune (पुणे) | 06:42 PM |
| Mumbai (मुंबई) | 06:46 PM |
| Kolkata (कोलकाता) | 05:41 PM |
| Hyderabad (हैदराबाद) | 06:24 PM |
| Patna (पटना) | 05:53 PM |
| Bhubaneswar (भुवनेश्वर) | 05:55 PM |
| Jaipur (जयपुर) | 06:29 PM |
| Indore (इंदौर) | 06:31 PM |
| Bengaluru (बेंगलुरु) | 06:30 PM |
| Ahmedabad (अहमदाबाद) | 06:44 PM |
| Surat (सूरत) | 06:40 PM |
| Kanpur (कानपुर) | 06:11 PM |
| Jammu (जम्मू) | 06:29 PM |
| Ranchi (रांची) | 05:53 PM |
| Chandigarh (चंडीगढ़) | 06:29 PM |
नोट- ये अनुमानित समय है। रोजेदारों को चाहिए कि वे अपने शहर की स्थानीय मस्जिद या आधिकारिक टाइम टेबल के अनुसार ही रोजा खोलें, क्योंकि एक-दो मिनट का अंतर भी अहम माना जाता है।
इफ्तार का सही समय क्यों जरूरी है?
रोजा सेहरी से शुरू होता है, जो सूर्योदय से पहले की जाती है। इसके बाद पूरे दिन खाना और पानी से परहेज किया जाता है। जैसे ही सूरज डूबता है और मगरिब की अजान होती है, रोजा खोला जाता है।
समय का ध्यान रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि रोजा एक इबादत है और इसे सही तरीके से निभाना अहम माना जाता है। थोड़ी जल्दबाजी या देरी से रोजा खोलना सही नहीं समझा जाता।
इफ्तार करने का तरीका
इफ्तार बहुत सादगी से किया जाता है। जैसे ही सूर्यास्त होता है, सबसे पहले अल्लाह का नाम लेकर रोजा खोला जाता है। यह दुआ पढ़ी जाती है—
اللهم لك صمت وعلى رزقك أفطرت
इसका मतलब है कि ऐ अल्लाह, मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरे ही दिए हुए रिज्क से इफ्तार कर रहा/रही हूं।
हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत के मुताबिक खजूर या पानी से रोजा खोलना बेहतर माना जाता है। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है। इफ्तार के समय हल्का और संतुलित खाना लेना सेहत के लिए अच्छा रहता है, क्योंकि पूरा दिन शरीर खाली रहता है।
12वां रोजा क्यों है खास?
12वां रोजा मगफिरत के अशरे में आता है। यह वह समय है जब बंदा अपने गुनाहों की माफी मांगता है और नेक रास्ते पर चलने की दुआ करता है। रमजान का हर दिन इंसान को आत्म-संयम और धैर्य सिखाता है।
इफ्तार का पल सिर्फ भूख मिटाने का समय नहीं, बल्कि शुक्र और इबादत का भी मौका होता है। दुआ है कि आज का 12वां रोजा सभी रोजेदारों के लिए कबूल हो और उन्हें रहमत और मगफिरत नसीब हो।
