Aaj Chand Kab Niklega 18 June 2026 (आज चांद निकलने का समय), Moonrise time today (आज चतुर्थी का चांद कब दिखेगा): आज 18 जून 2026 को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जा रही है। यह तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने, व्रत रखने और गणेश मंत्रों का जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आप भी आज प्रद्युम्न चतुर्थी का व्रत कर रहे हैं तो यहां जानिए पूजा का महत्व, व्रत पारण का समय और चंद्र दर्शन से जुड़ा विशेष नियम।
आज 18 जून 2026 चांद कब निकलेगा - Pradyumna Chaturthi Moonrise Time
धार्मिक पंचांग के अनुसार आज प्रद्युम्न चतुर्थी पर चंद्रोदय सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर हुआ था। वहीं दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सूर्यास्त शाम 7 बजकर 21 मिनट के आसपास होगा। चंद्रास्त का समय रात 10 बजकर 28 मिनट बताया गया है।
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आज प्रद्युम्न चतुर्थी का चांद कब दिखेगा
प्रद्युम्न चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, जो शुक्ल पक्ष में पड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विनायक या प्रद्युम्न चतुर्थी के व्रत में चंद्र दर्शन का नियम नहीं होता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने और चंद्र दर्शन की परंपरा मुख्य रूप से कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी में निभाई जाती है। इसलिए आज व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को चंद्रमा के निकलने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।
आज प्रद्युम्न चतुर्थी का व्रत कब खोलना है
प्रद्युम्न चतुर्थी के व्रत का पारण पूजा संपन्न होने के बाद किया जा सकता है। चूंकि इस व्रत में चंद्र दर्शन अनिवार्य नहीं माना जाता, इसलिए श्रद्धालु शाम की पूजा, गणेश आरती और भोग अर्पित करने के बाद व्रत खोल सकते हैं। कई लोग रात्रि में पूजा के बाद फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण कर पारण करते हैं।
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आज 18 जून 2026 सूर्यास्त कितने बजे होगा
दिल्ली-एनसीआर में आज सूर्यास्त लगभग शाम 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। सूर्यास्त के बाद भगवान गणेश की पूजा, गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ और व्रत कथा सुनना शुभ माना जाता है।
प्रद्युम्न चतुर्थी व्रत का पारण कैसे करें
प्रद्युम्न चतुर्थी व्रत का पारण भगवान गणेश की पूजा पूर्ण होने के बाद किया जाता है। गणेश जी को दूर्वा, मोदक या लड्डू अर्पित करें, आरती करें और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें। इसके बाद फलाहार या सात्विक भोजन से व्रत खोलें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से गणपति बप्पा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के विघ्न दूर होते हैं।
