अध्यात्म

31 December 2024 Panchang: पंचांग से जानिए पौष महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन क्या होगा पूजा का मुहूर्त, कब से कब तक रहेगा राहुकाल

31 December 2024 Panchang (आज का पंचांग 31 दिसंबर 2024): पौष महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन सूर्योदय का समय होगा सुबह 07:09 बजे होगा। वहीं आज के दिन सूर्यास्त का समय शाम 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

31 December 2024 Panchang (आज का पंचांग 31 दिसंबर 2024): परम पवित्र पौष माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज मंगलवार है। हनुमान जी की उपासना का पावन व्रत रहें। यह व्रत बहुत ही पुण्यदायी व पाप का नाश करता है। हनुमान चालीसा के 07 पाठ का बहुत महत्व है। अन्न दान करें। भगवान शिव परम ब्रम्ह हैं। वह पालनकर्ता व कल्याणकारी हैं। भोलेनाथ जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा स्नान करें। पौष माह में शंकर जी की उपासना बहुत ही पुण्यदायी है। शिव पुराण के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है,पुण्य की प्राप्ति होती है। पौष माह में कम्बल व ऊनी वस्त्रों के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। गंगा स्नान व दान पुण्य करने से सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है । प्रातःकाल शिव मन्दिर जाएं । भगवान शिवलिंग का जलाभिषेक करें। दान -पुण्य करें। आज सुंदरकांड का पाठ व हनुमान बाहूक के पाठ का बहुत महत्व है। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

31 December 2024 Panchang (आज का पंचांग 31 दिसंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-पौष, शुक्ल पक्ष,पर्व -प्रतिपदा, व्रत -मंगलवार प्रतिपदा व्रत।

तिथि-प्रतिपदा

दिवस -मंगलवार

सूर्योदय-07:09am

सूर्यास्त-05:25pm

नक्षत्र- पूर्वाषाढ़ा

चन्द्र राशि - धनु,स्वामी ग्रह -गुरु

सूर्य राशि- धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति

करण- किशतुधन03:45 pm तक फिर बव

योग- ध्रुव07 pm तक फिर व्याघात

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-12:03 pm से 12:45 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:27ल5pm से 03:29pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:22pm से 07:23pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:07am से 07:45am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:23 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल-उत्तर दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 03:30 बजे से 04 बजे तक

क्या न करें-वर्ष के अंतिम दिन किसी से रूठे नहीं। अपनी पिछले वर्ष की गलतियों की पुनरावृत्ति मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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