अध्यात्म

23 June 2024 Panchang: आषाढ़ महीना शुरू, जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और पूरा पंचांग

23 June 2024 Panchang: पंचांग अनुसार आज से आषाढ़ महीना शुरू हो गया है। ये महीना पूजा-पाठ की दृष्ण से अत्यंत शुभ माना जाता है। आज सूर्य देव मिथुन राशि में तो चंद्र देव धनु राशि में विराजमान रहेंगे।

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Aaj Ka Panchang 23 June 2024

23 June 2024 Panchang: आज से आषाढ़ महीने की शुरुआत हो गई है। इस महीने के प्रमुख देवता भगवान शिव और श्री हरि विष्णु भगवान है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। आज सूर्योदय 05:24 पर तो सूर्यास्त शाम 07:21 पर होगा। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ान शाम 5 बजकर 5 मिनट तक इसके बाद उत्तराषाढ़ा लग जाएगा। योग ब्रम्ह 07:28 pm तक फिर इंद्र लग जाएगा। जानिए आज का पूरा पंचांग।

23 June 2024 Panchang In Hindi (23 जून 2024 पंचांग)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081 माह-आषाढ़ ,कृष्ण पक्ष

तिथि- द्वितीया

व्रत-भगवान सूर्य के निमित्त रविवार व्रत

दिन-रविवार

सूर्योदय-05:24am सूर्यास्त-07:21 pm

नक्षत्र- पूर्वाषाढ़ान 05:05 pm तक फिर उत्तराषाढ़ा

चन्द्र राशि- धनु स्वामी- गुरु

सूर्य राशि- मिथुन ,स्वामी -बुध

करण- तैतिल 04:25pm तक फिर गरज

योग- ब्रम्ह 07:28 pm तक फिर इंद्र

शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:55am से 12:42 pm

विजय मुहूर्त-02:29pm से 03:24 pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:47 pm से 07:08 pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:14am से 05:08am तक

अमृत काल-06:08am से 07:56am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:52 से 12:46 तक रात्रि

संध्या पूजन-06:50pm से 07:50pm तक

दिशा शूल -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल -सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक

क्या करें-रविवार का व्रत रहें। भगवान सूर्य को जल दें व उनकी उपासना करें। आज द्वितीया है।मन्दिर में भगवान श्री कृष्ण जी का दर्शन करें। रविवार व्रत बहुत ही फलदायी है। धार्मिक पुस्तकों सहित अन्न के दान का बहुत महत्व है। उपवास फलाहार या जैसा आपका स्वास्थ्य हो, वैसा ही होगा। घर मे पूजित ठाकुर जी व लड्डू गोपाल जी को प्रसाद अर्पित करें। भगवान सूर्य के नाम का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में आम का पेड़ लगाएं। आज जल दान का भी बहुत महत्व है। श्री रामचरितमानस का पाठ करें। मन्दिर में भंडारा भी करवा सकते हैं। गो माता को केला व पालक खिलाएं। चिड़ियों को दाना पानी दें। चने की दाल का दान करें। शिव उपासना करें व सूर्य के बीज मंन्त्र का जप करें। हरि नाम संकीर्तन करें। प्रातःकाल सूर्य का दर्शन -पूजन पुण्यदायी है। श्री आदित्यह्र्दयस्तोत्र का 03 बार पाठ करें। क्या न करें- -पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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