अध्यात्म

13 November 2024 Panchang: कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी का पंचांग, जानिए देवउठनी एकादशी का पारण समय और तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त

13 November 2024 Panchang: इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। जिसे योगोश्वर द्वादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन देवउठनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। साथ ही शाम में तुलसी विवाह किया जाएगा।

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13 November 2024 Panchang

13 November 2024 Panchang: पंचांग अनुसार इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी दोपहर 1 बजकर 1 मिनट पर लगेगी जो अगले दिन तक रहेगी। इस तिथि पर शाम के समय तुलसी विवाह का आयोजन कराया जाता है। इसके अलावा इस दिन देव उठनी एकादशी व्रत का भी पारण किया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त इस दिन नहीं रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर में लगेगा। चलिए जानते हैं 13 तारीख का पूरा पंचांग देवउठनी एकादशी के पारण मुहूर्त और तुलसी विवाह के शुभ मुहूर्त के साथ।

देवउठनी एकादशी 2024 पारण समय (Dev Uthani Ekadashi 2024 Paran Time)

देवउठनी एकादशी का पारण समय 13 नवंबर की सुबह 06:14 से 08:25 तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 01:01 का है।

तुलसी विवाह 2024 पूजा मुहूर्त (Tulsi Vivah 2024 Puja Muhurat)

तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजे से 8 बजे तक रहेगा। वहीं जो लोग सुबह के समय तुलसी विवाह करते हैं उनके लिए पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10.46 से दोपहर 12.05 तक रहेगा।

13 नवंबर 2024 पंचांग (13 November 2024 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-कार्तिक ,शुक्ल पक्ष

पर्व -द्वादशी, तुलसी विवाह, प्रदोष व्रत, एकादशी पारण

तिथि- द्वादशी 01:01 pm तक तत्पश्चात त्रयोदशी,दिवस -बुधवार

सूर्योदय-06:39am

सूर्यास्त-05:30 pm

नक्षत्र-- रेवती

चन्द्र राशि -- मीन स्वामी ग्रह -गुरु

सूर्य राशि- तुला,स्वामी ग्रह-शुक्र

करण- बालव

योग:वज्र

13 नवंबर 2024 शुभ मुहूर्त (13 November 2024 Shubh Muhurat)

अभिजीत-आज नहीं है।

विजय मुहूर्त-02:24pm से 03:24pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:21pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

अमृत काल-06:06am से 07:41am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:22 pm से 07:07pm तक

दिशा शूल--उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक

क्या करें- आज प्रदोष है। तुलसी विवाह भी आज ही है। तुलसी विवाह करवाने से भगवान विष्णु कृपा प्राप्त होती है। भगवान कृष्ण जी की पूजा करें। माता लक्ष्मी -विष्णु संग उपासना करें। तुलसी विवाह बहुत पावन उत्सव होता है। आज विष्णु जी की पूजा बहुत ही श्रद्धा से होती है। जीवन को प्रसन्नमय व उन्नतिशील करने के लिए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का जप करें। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ धन, धान्य , आरोग्यता व समृद्धि के लिए कर सकते हैं। आज प्रदोष भी है। शिव उपासना का महान व्रत है। यह व्रत करने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। महामृत्युंजय मंत्र अनुष्ठान से उम्र लंबी होती है। श्री शिवपुराण का पाठ करें। तुलसी विवाह घर पर भी आयोजित कर सकते हैं। भगवान के नाम का जप करने से पाप नष्ट होते हैं। भगवान विष्णु के मन्दिर जाएं व उनकी 04 परिक्रमा करें। तुलसी विवाह करवाने से आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है व भगवान विष्णु जी की अनन्य भक्ति व आत्मशक्ति प्राप्त होती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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