Kumbh Yearly Rashifal 2022 (Aquarius Yearly Horoscope 2022): कुम्भ राशि ज्योतिष की 11वीं राशि है। कुम्भ का स्वामी शनि होता है। शनि न्याय का ग्रह है। इस राशि के जातक तकनीकी तथा कला और फिल्म फील्ड में बहुत सफल होते हैं। इस राशि के जातक बहुत ही धार्मिक तथा आध्यात्मिक होते हैं। जिस भी कार्य को हाथ में लेते हैं, उसको अंजाम तक पहुंचा कर के ही मानते हैं। आध्यात्मिक गुरु या न्यायाधीश होते हैं। राजनीति के लिए यह राशि बहुत अनुकूल है। बैंकिंग, मीडिया, सिविल सेवा तथा न्यायिक सेवा में उच्च पदों को प्राप्त करते हैं। शनि शुक्र तथा बुध का परम मित्र है। तुला तथा वृष राशियां इसकी परम मित्र राशियां हैं। मिथुन, कन्या तथा मकर इसकी प्रिय मित्र राशियां हैं।
कुम्भ वार्षिक राशिफल 2022
1. स्वास्थ्य
स्वास्थ्य सुख में जनवरी व सितम्बर में सावधान रहने की जरूरत है। गुरु की कुम्भ व शनि की मकर में उपस्थिति से शुरू में थोड़ा बेहतर रहेगी। नवम्बर व दिसंबर में थोड़ी परेशानी रहेगी। श्वांस व बीपी के पेशेंट नवम्बर व दिसम्बर में हेल्थ के प्रति सचेत रहें। दमा के रोगियों को समस्या आ सकती है। फरवरी का महीना भी बहुत बेहतर नहीं है। कुशोदक से रुद्राभिषेक कराते रहें।
2. जॉब
आईटी, प्रबंधकीय तथा मेडिकल फील्ड के जातक सफलता की प्राप्ति करेंगे। अप्रैल व जून में विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा। फिल्म, मीडिया तथा बैंकिंग फील्ड के जातकों के लिए 15 फरवरी के बाद का समय बहुत अनुकूल है। 15 अगस्त से नवम्बर के मध्य पदोन्नति या जॉब चेंज के अवसर बन सकते हैं। मैनेजमेंट, पत्रकारिता तथा मीडिया से संबंधित जातक लाभान्वित होंगे। प्रशासनिक व न्यायायिक सेवा के लोग इस वर्ष लाभान्वित होंगे। बैंकिंग सेवा में प्रमोशन हो सकता है।
3 दाम्पत्य जीवन
फरवरी के बाद लव लाइफ सफल रहेगा। जनवरी व सितम्बर में लव लाइफ में थोड़ा तनाव रहेगा। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। जीवन साथी को मार्च, सितम्बर तथा अक्टूबर में स्वास्थ्य से परेशानी हो सकती है। इस वर्ष प्रेम, विवाह का रूप लेगा। इसके लिए मार्च के बाद का समय बेहतर है।
4. व्यवसाय व आर्थिक स्थिति
कपड़ा ,आयात निर्यात व रियल स्टेट व्यवसाय में खूब सफलता प्राप्त होगी। 15 अप्रैल के बाद कोई बड़ा लाभ सम्भव है। मकान व वाहन क्रय कर सकते हैं। यह वर्ष बहुत ही समृद्वि देगा। धन का निवेश जमीन या शेयर में होगा।
5. उपाय
शनिवार को भगवान शिव जी की पूजा के साथ हनुमानजी की उपासना करें। पीपल की पूजा करें व उनको जल दें। सोमवार को भगवान शिव की उपासना करें व व्रत रहें। इस राशि के स्वामी शनि की पूजा करें। लाजवर्त धारण करें। पन्ना भी पहन सकते हैं। शनिवार को श्री कृष्ण उपासना करने से शनि प्रसन्न होते हैं। तिल से हवन करते रहें। असत्य बोलने से बचें।

