जब भी हम किसी निर्माणाधीन इमारत को देखते हैं, तो अक्सर उसे हरे रंग के कपड़े या जाल से ढंका हुआ पाते हैं। यह नजारा इतना आम है कि हममें से कई लोग इसे सामान्य मान लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इसके पीछे का कारण क्या है? आखिर हरे रंग का कपड़ा ही क्यों चुना जाता है, न कि कोई और रंग का?
इसी सवाल का जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं। जिसके पीछे का कारण आपको बताया जाएगा। दरअसल, इसके पीछे कई कारण हैं। जैसे हरे रंग का रात में चमकना ताकि लोगों को दूर से ही कंस्ट्रक्शन साइट दिख जाए, धूल और मलबे को रोकने में हरे रंग का कपड़ा प्रभावी, सस्ता, टिकाऊ, मजबूत और बाजार में आसानी से उपलब्धता।
हरे रंग के टार्पोलिन या नेट बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। साथ ही साथ इनकी कीमत अन्य रंगों की तुलना में बेहद कम होती है। इसके अलावा हरे रंग का कपड़ा धूल और मलबे को रोकने में बहुत प्रभावी साबित होता है। कंस्ट्रक्शन साइट पर अक्सर धूल, रेत और सीमेंट हवा में उड़ते रहते हैं। जो आसपास के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। हरा टार्पोलिन या नेट इन्हें रोकने में मदद करता है।
इस सवाल को लेकर कई रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि हरा रंग दूर से ही दिखाई देता है और रात में यह रंग आसानी से रिफलेक्ट हो जाता है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन साइट के आसपास रहने वाली आबादी सावधानी बरतते हुए वहां से गुजरती है। हरे रंग के टार्पोलिन के इस्तेमाल के पीछे एक और कारण है, वह ये कि हरा रंग आंखों को सुकून देता है।
चटकीला रंग लाल या पीला को देखने से आंखों में थकान होती है। जबकि हरे रंग के साथ ऐसा नहीं है। ये रंग आंखों को थकाता नहीं बल्कि उन्हें सुकून देता है। ऐसे में निर्माण स्थल के आसपास रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले मजदूरों के लिए यह बेहद ही फायदेमंद है।
हरे रंग के कपड़े का उपयोग अब एक तरह से ट्रेंड भी बन चुका है। भारत समेत कई देशों में कंस्ट्रक्शन कंपनिया हरे रंग को एक मानक बना चुकी हैं। वहीं हरे रंग का इस्तेमाल इसलिए भी किया जाता है ताकि यह संदेश दिया जा सके कि हम पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं।
बिल्डिंग्स को ढंकने वाला हरे रंग का यह कपड़ा अक्सर मजबूत पॉलीथीन या नायलॉन से बना होता है, जो टिकाऊ और मौसम प्रतिरोधी होता है। इस कपड़े से कंस्ट्रक्शन साइट को ढंक देने से निर्माण कार्य बारिश, धूप या तेज हवाओं में भी लगातार होते रहता है।