अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और जसप्रीत बुमराह को नई गेंद दी गई। इसके बाद बुमराह के सामने अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान एक रन के लिए तरस गए। बुमराह ने पूरा ओवर खाली फेंका। यह उनके T20I करियर का 13वां मेडन ओवर था, जिसने उन्हें दुनिया में टॉप पर पहुंचा दिया।
इसके साथ ही जसप्रीत बुमराह ने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले बुमराह और नगारवा के नाम 12-12 मेडन ओवर थे। बुमराह ने अपने 97वें T20I मुकाबले में यह मुकाम हासिल किया।
फुल मेंबर टीमों की इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर भारत के ही भुवनेश्वर कुमार हैं। भुवी ने टी20 में 10 मेडन ओवर फेंके हैं, लेकिन वह नवंबर 2022 के बाद से टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं। चौथे पर जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजराबानी हैं जिनके नाम 9 मेडन ओवर हैं।
अगर सभी टीमों की बात करें तो ओवरऑल सबसे ज्यादा मेडन ओवर का रिकॉर्ड युगांडा के फ्रैंक न्सुबुगा और रवांडा के मोहम्मद नादिर के पास है। दोनों ने टी20 इंटरनेशनल में 19-19 मेडन ओवर फेंके हैं। उनके बाद केन्या के शेम न्गोचे 16 मेडन के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के दूसरे मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 25 रन देकर 1 विकेट लिया। उन्होंने खतरनाक दिख रहे मोहम्मद नबी को 20 रन के स्कोर पर आउट किया। बुमराह की किफायती गेंदबाजी और अहम मौके पर विकेट ने अफगानिस्तान को 159 रन पर रोकने में बड़ी मदद की।
भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने वालों में जसप्रीत बुमराह अब टॉप पर हैं। वहीं भुवनेश्वर कुमार 10 मेडन के साथ दूसरे नंबर पर, हरभजन सिंह और हार्दिक पांड्या 5-5 मेडन ओवर के साथ संयुक्त तीसरे नंबर पर हैं। अर्शदीप सिंह और रविंद्र जडेजा ने 4-4 मेडन ओवर फेंके हैं।
जसप्रीत बुमराह ने हाल ही में एक और बड़ा मुकाम हासिल किा है। वह T20 फॉर्मेट में 350 विकेट पूरे करने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। यह उपलब्धि उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में ही हासिल की है। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार ही ऐसा कर पाए हैं।
जसप्रीत बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर, धीमी गेंद और दबाव में रन ना देने के टैलेंट के दम पर दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शुमार होते हैं। टी20 में पावरप्ले में मेडन ओवर डालना किसी भी गेंदबाज के लिए सबसे मुश्किल काम होता है, लेकिन बुमराह ने यह दो बार करके दिखाया है।