रातभर सोने के बाद हल्का मुंह सूखना सामान्य है। लेकिन हर सुबह गला और मुंह बहुत सूखा महसूस हो तथा उठते ही खूब पानी पीने की जरूरत पड़े तो इसे नजरअंदाज न करें। लगातार बढ़ी हुई प्यास डायबिटीज का एक आम संकेत हो सकती है।
अगर पहले आपकी नींद आराम से पूरी होती थी, लेकिन अब रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है तो ब्लड शुगर जांचने की जरूरत हो सकती है।
सात-आठ घंटे सोने के बाद भी सुबह शरीर टूटता हुआ लगे, बिस्तर छोड़ने का मन न करे या दिन की शुरुआत में ही ऊर्जा कम महसूस हो तो ध्यान दें। ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे लगातार थकान रह सकती है।
सुबह आंख खुलने के बाद कुछ समय तक चीजें धुंधली दिखाई देना कई कारणों से हो सकता है। लेकिन ऐसा बार-बार हो या दिन में भी नजर साफ न रहे तो शुगर की जांच करवाएं। बढ़ी हुई ब्लड शुगर आंखों के लेंस में अस्थायी बदलाव कर सकती है।
रात को पर्याप्त भोजन करने के बावजूद सुबह उठते ही बहुत तेज भूख लगना भी ध्यान देने योग्य है। खासकर जब भूख के साथ कमजोरी और थकान भी हो। कोशिकाओं तक ग्लूकोज ठीक से न पहुंचने पर शरीर बार-बार भोजन की मांग कर सकता है।
सुबह उठने पर हाथ या पैरों में बार-बार झनझनाहट, जलन अथवा सुन्नपन महसूस हो तो इसे केवल सोने की गलत मुद्रा मानकर न छोड़ें। लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर नसों को प्रभावित कर सकती है। लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
हाथ या पैर में छोटा कट, छाला या त्वचा का संक्रमण सामान्य से ज्यादा समय में ठीक हो रहा हो तो ब्लड शुगर टेस्ट करवाएं। बार-बार फंगल इंफेक्शन, खुजली या घाव का देर से भरना भी डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है। हालांकि इनमें से कोई लक्षण कभी-कभार होना डायबिटीज का प्रमाण नहीं है। कंफर्म करने के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट करवाएं।