वैसे तो सभी देशों के पास अपना-अपना राष्ट्रगान है, जिसे वे पूरे गर्व के साथ गाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जिसके राष्ट्रगान को वहां के लोग ही नहीं गा पाते।
हम जिस देश की बात कर रहे हैं, वह स्पेन है। जी हां, स्पेन में लोग अपने राष्ट्रगान को नहीं गा पाते हैं क्योंकि यहां का राष्ट्रगान गाकर नहीं बल्कि बजाकर प्रस्तुत किया जाता है। दरअसल, यहां का राष्ट्रगान पूरी तरह संगीत पर आधारित है। इसमें कोई बोल नहीं हैं, जिस वजह से इसे बजाकर प्रस्तुत किया जाता है।
स्पेन के राष्ट्रगान का नाम "ला मार्चा रियल" (La Marcha Real) है। हिंदी में इसका मतलब होता है "रॉयल मार्च" यानी शाही धुन। यह दुनिया के सबसे पुराने राष्ट्रगानों में से एक माना जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक, इसका इस्तेमाल 18वीं सदी से किया जा रहा है। उस समय इसे शाही समारोहों और सैन्य कार्यक्रमों में बजाया जाता था।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसमें बोल क्यों नहीं हैं? दरअसल, समय-समय पर कई लोगों ने इसके लिए शब्द लिखने की कोशिश की, लेकिन लोगों द्वारा लिखा गया इसका कोई भी संस्करण पूरे देश को पसंद नहीं आया। स्पेन में अलग-अलग भाषाएं और संस्कृतियां हैं। ऐसे में किसी एक भाषा के बोल सभी लोगों को स्वीकार नहीं हुए।
कई बार सरकार ने नए बोल तैयार करवाने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार विवाद खड़ा हो गया। आखिरकार फैसला लिया गया कि राष्ट्रगान सिर्फ संगीत के रूप में ही रहेगा। यही कारण है कि आज भी "ला मार्चा रियल" बिना किसी शब्द के बजाया जाता है।
जब स्पेन की टीम फुटबॉल, ओलंपिक या किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरती है, तब राष्ट्रगान सिर्फ बजाया जाता है। खिलाड़ी आमतौर पर संगीत की धुन के साथ खड़े रहते हैं। कुछ खिलाड़ी धुन के साथ हल्का-सा गुनगुनाते हैं या ताल मिलाते हैं, लेकिन इसका कोई आधिकारिक शब्द नहीं है। यही वजह है कि स्पेन का राष्ट्रगान बाकी देशों से बिल्कुल अलग दिखाई देता है।
आज के समय में स्पेन का राष्ट्रगान उन गिने-चुने राष्ट्रीय गानों में शामिल है, जिनके आधिकारिक बोल नहीं हैं। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। हालांकि, कई देशों में राष्ट्रगान के अलग-अलग एडिशन मिलते हैं, लेकिन स्पेन का ऑफिशियल राष्ट्रगान पूरी तरह वाद्य संगीत पर आधारित है।