Chhatron Ki Goonj : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे के एआईएसएसएमएस कॉलेज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और स्वतंत्र पहचान पर बात की। उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं को पिता, पति और बेटे के अधीन रखने वाली विचारधारा की आलोचना की। राहुल ने कहा कि महिलाओं की पहचान सिर्फ बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ‘ब्रेक द केज’ का नारा देते हुए उन्होंने महिलाओं से अपने सपनों को बिना डर पूरा करने की अपील की। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के उत्पीड़न और घरेलू हिंसा को गंभीर सामाजिक चुनौतियां बताते हुए महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।
हालांकि, इस कार्यक्रम से पहले शुक्रवार रात COEP टेक्निकल यूनिवर्सिटी छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हंगामे और बवाल को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने NSUI और युवक कांग्रेस के करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है। आयोजकों को राहुल के इस कार्यक्रम में करीब 10,000 युवकों के पहुंचने की उम्मीद है। राहुल के आज के कार्यक्रम पर सभी की नजरें लगी हैं, यहां हम 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से जुड़ा हर अपडेट आपको देते रहेंगे-
छात्रों की गूंज (Chhatron Ki Goonj)
'छात्रों की आवाज दबाना गलत', राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष का समर्थन
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, “छात्रों को अपनी बात रखने की अनुमति मिलनी चाहिए। क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही स्वतंत्र भारत है? यह गलत है और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। जहां भी संभव हो, छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि सरकार को चुनौती देकर Gen Z वास्तव में उसे सुधार का मौका दे रही है। राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। देशभर में Gen Z जागरूक हो रही है और यह आंदोलन आगे और व्यापक होगा।
नाकामियों को छिपाने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रही सरकार-नाना पटोले
वंदे मातरम प्रस्ताव को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, "सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राष्ट्रवाद का इस्तेमाल कर रही है। वे दूसरे मुद्दों से भी ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने कभी वंदे मातरम का विरोध नहीं किया। वे बेवजह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।"
राहुल गांधी के पुणे पहुंचने पर बालासाहेब थोरात बोले:
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुणे पहुंचने पर कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने कहा, "राहुल गांधी का बहुत भव्य स्वागत किया गया है। कार्यक्रम अच्छा रहेगा। बीजेपी मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।"
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने पुणे पहुंचे राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुणे पहुंचे।
प्रणिति शिंदे ने क्या कहा...
पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने कहा, 'महाराष्ट्र हमेशा से एक प्रगतिशील राज्य रहा है। महाराष्ट्र की महिलाओं के खून में ही जुझारूपन, साहस और वीरता है…आज राहुल गांधी पुणे का दौरा कर रहे हैं, जहां छात्रों की आवाजें गूंज रही हैं। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई क्रांति के बाद अब आप जल्द ही महाराष्ट्र की महिलाओं और बेटियों के नेतृत्व में दूसरी राष्ट्रीय क्रांति देखेंगे। जब भी बीजेपी डरती है, उसे खतरा महसूस होता है या वह ईर्ष्या करती है, तो वह इस तरह की रणनीति अपनाती है। संसद हमारे देश की सर्वोच्च संस्था है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वहां पेलेट गन के मुद्दे पर जवाब देने तक नहीं आए।'
-एक लड़की को डराया-धमकाया गया-लोंढे
NSUI और ABVP के बीच हुई झड़प तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, 'एक लड़की को डराया-धमकाया गया और बयान देने के लिए मजबूर किया गया। उससे माफी मांगने के लिए भी दबाव डाला गया। वह लड़की अब सदमे में है। सबसे पहले यह सवाल उठना चाहिए कि हॉस्टल में कौन गया, लड़कियों को उनके कमरों में बंद किया और उन्हें धमकाया? वह ABVP के लोग थे। लड़की ने NSUI के लोगों को फोन किया, जिसके बाद पूरा मामला शुरू हुआ। देशभर से छात्र पुणे में पढ़ने आते हैं। छात्राएं भी आएंगी, अपनी समस्याएं रखेंगी और राहुल गांधी उनकी बातें भी सुनेंगे। आज लोग यह स्वीकार करने लगे हैं कि अगर इस देश में कोई ईमानदार है, सकारात्मक सुधार और सुशासन ला सकता है तथा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बना सकता है, तो वह राहुल गांधी हैं।'
-जोर-शोर से चल रही कार्यक्रम की तैयारी
महिला शिक्षा का भी केंद्र है पुणे-शिवानी
इस कार्यक्रम के बारे में महाराष्ट्र प्रदेश यूथ कांग्रेस की नेता शिवानी वडेट्टीवार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की भूमि पुणे केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि महिला शिक्षा का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि जब कोई कार्यक्रम जेंडर-न्यूट्रल होता है, तो उसमें पुरुषों का दबदबा रहता है। इसलिए राहुल जी महिलाओं से सीधे संवाद करना चाहते थे। इस बीच, शहर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने कहा, 'हर दिन 25 स्कूल बंद हो रहे हैं और जिन छात्रों की पढ़ाई छूट जाएगी, वे वही बच्चे हैं जिनके लिए सावित्रीबाई फुले ने पुणे में पहला स्कूल खोला था। यही वजह है कि नेता प्रतिपक्ष पुणे आ रहे हैं और केवल महिलाओं से बात करेंगे। वह पूरे देश को यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, लेकिन इसे अब एक विशेषाधिकार में बदला जा रहा है।'
कार्यक्रम के लिए पुलिस ने तय की हैं 30 शर्तें
पुणे में राहुल के इस कार्यक्रम को अनुमति तो मिली है लेकिन पुलिस ने इसके लिए 30 शर्तें भी तय की हैं। इनमें आपत्तिजनक तस्वीरों, चित्रों या बैनरों के प्रदर्शन पर रोक और आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश शामिल है कि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। यह कार्यक्रम शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक आरटीओ चौक के पास एसएसपीएमएस कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में 8,000 से 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसे छात्राओं के लिए विशेष रूप से केवल महिलाओं का कार्यक्रम बनाया गया है, जिसमें शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए-पुलिस
अनुमति आदेश के अनुसार, यदि किसी अप्रिय घटना के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है तो इसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। आदेश में कहा गया है, 'कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।' महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने कहा कि पुलिस ने कार्यक्रम को अनुमति दे दी है और आयोजक उनके द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि कुल 30 शर्तें निर्धारित की गई हैं।
राहुल के कार्यक्रम से पहले हुआ बवाल
पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को बवाल हो गया। यहां COEP टेक्निकल यूनिवर्सिटी छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हंगामे और बवाल को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। शिवाजीनगर पुलिस ने ABVP की शिकायत पर NSUI और युवक कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुणे में शनिवार को राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होना है।
