आज AI हमारे जीवन का एक हिस्सा हो चुका है। हम जो कुछ भी सोचते हैं या फिर जो हम सोच भी नहीं सकते, उसकी परिकल्पना AI तुरंत करके दे देता है। अब हममें से कितने लोगों ने ही यह सोचा होगा कि आज से 100 साल बाद की अयोध्या कैसी होगी?
हम शायद उसकी एक तस्वीर भी अपने मन में नहीं बना सकते। मगर AI ने यह काम भी करके दिखा दिया। AI ने अपने नजरिए से यह दिखाया है कि आज से 100 साल बाद की अयोध्या कैसी होगी और कितनी विकसित होगी। साथ ही यह भी दिखाया है कि अयोध्या अपनी परंपराओं से जुड़े रहने के बाद भी तकनीकी रूप से बहुत आगे निकल चुकी होगी।
अयोध्या नगरी राम की नगरी है ऐसे में आज से 100 साल बाद भी राम के असतित्व की कल्पना AI ने भी की है। AI ने दिखाया है कि अयोध्या शहर में आज से 100 साल बाद भी राम मंदिर यहां का केंद्र बिंदु होगा। साथ ही सरयू नदी को भी मॉडिफाई किया जाएगा।
100 साल बाद की अयोध्या प्राचीन आस्था और भविष्य की तकनीक दोनों के साथ दिखेगी। राम मंदिर वैसा ही भव्य होगा। सरयू के घाट तकनीक की मदद से इतने साफ और पारदर्शी हो जाएंगे कि नीचे की लाइटिंग से सरयू रात में भी सुनहरी दिखेगी। घाटों पर तकनीक से लैस खास तरह के बोट चलेंगी। जो लोगों को अयोध्या शहर से रूबरू कराएंगी।
घाट उस वक्त मल्टी-लेवल हो जाएंगे। सबसे नीचे प्राचीन सीढ़ियां वैसी की वैसी, जहां सुबह स्नान और मंत्र गूंजते मिलेंगे। ऊपर वाले लेवल पर कांच के प्लेटफॉर्म हैं जो भीड़ कंट्रोल करते हैं और आरती के समय अपने आप खुल जाते हैं। नदी में बिना आवाज वाली सोलर बोट चलती दिखेंगी।
आज से 100 साल बाद भी अयोध्या की प्राचीन गलियां तो होंगी, पर उनके ऊपर एलीवेटेड ट्रांजिट चलता दिखाई देगा। होलोग्राफिक आरती और ड्रोन लाइट शो अब हर शाम की आरती का हिस्सा बन चुकी होंगी।
इन सभी तस्वीरों को देखकर लगता है कि आज से 100 साल बाद अयोध्या तब भी राम की नगरी ही रहेगी लेकिन अब वह नगरी पूरी तरह तकनीक से लैस और हाईटेक सिस्टम के साथ अपग्रेड हो जाएगी। जहां आस्था और तकनीक का संगम देखने को मिलेगा।