धरती के अंदर सोना कैसे बनता है? करोड़ों साल पुरानी है इसकी कहानी

How Gold Formed: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है जिसके बाद सोने की चर्चा तेज हो गई है, हालांकि सोने की चर्चा अक्सर इसकी कीमत को लेकर होती रहती है। वैसे तो धरती पर सोना से भी कीमती धातु मौजूद हैं लेकिन सोने का इस्तेमाल अन्य के मुकाबले अधिक होता है।

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated May 20 2026, 13:27 IST
सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में गिना जाता है। आभूषणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश तक, इसका उपयोग कई क्षेत्रों में होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धरती के अंदर सोना आखिर बनता कैसे है? वैज्ञानिकों के अनुसार, सोने की उत्पत्ति की कहानी करोड़ों साल पुरानी है और इसका संबंध अंतरिक्ष से लेकर ज्वालामुखीय गतिविधियों तक जुड़ा हुआ है।Image Credit : Canva01 / 08

सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में गिना जाता है। आभूषणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश तक, इसका उपयोग कई क्षेत्रों में होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धरती के अंदर सोना आखिर बनता कैसे है? वैज्ञानिकों के अनुसार, सोने की उत्पत्ति की कहानी करोड़ों साल पुरानी है और इसका संबंध अंतरिक्ष से लेकर ज्वालामुखीय गतिविधियों तक जुड़ा हुआ है।

अंतरिक्ष से शुरू हुई सोने की यात्राImage Credit : Canva02 / 08

अंतरिक्ष से शुरू हुई सोने की यात्रा

वैज्ञानिक मानते हैं कि सोना धरती पर प्राकृतिक रूप से पैदा नहीं हुआ था। इसकी शुरुआत अरबों साल पहले अंतरिक्ष में हुई। जब विशाल सितारे फटते हैं, जिसे सुपरनोवा विस्फोट कहा जाता है, तब भारी तत्वों का निर्माण होता है। इसी प्रक्रिया में सोना भी बना। बाद में उल्कापिंडों और अंतरिक्षीय धूल के जरिए यह तत्व धरती तक पहुंचा।

धरती के भीतर कैसे जमा होता है सोना?Image Credit : Canva03 / 08

धरती के भीतर कैसे जमा होता है सोना?

धरती के निर्माण के दौरान भारी धातुएं धीरे-धीरे अंदर की ओर चली गईं। माना जाता है कि बड़ी मात्रा में सोना धरती के कोर यानी केंद्र में मौजूद है। हालांकि, इंसानों को जो सोना मिलता है, वह धरती की ऊपरी परत में मौजूद चट्टानों और खनिजों में पाया जाता है।

एक जटिल प्रक्रियाImage Credit : Canva04 / 08

एक जटिल प्रक्रिया

जब धरती के अंदर गर्म मैग्मा और पानी का दबाव बढ़ता है, तब गर्म तरल पदार्थ चट्टानों की दरारों से गुजरते हैं। इन तरल पदार्थों में सोने के बेहद छोटे कण घुले होते हैं। समय के साथ तापमान कम होने पर ये कण चट्टानों में जमने लगते हैं और धीरे-धीरे सोने की नसें यानी गोल्ड वेन्स बन जाती हैं।

ज्वालामुखी और भूकंप भी निभाते हैं भूमिकाImage Credit : Canva05 / 08

ज्वालामुखी और भूकंप भी निभाते हैं भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वालामुखीय गतिविधियां और टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल भी सोने के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं।

सोने की खदानेंImage Credit : Canva06 / 08

सोने की खदानें

भूकंप के दौरान चट्टानों में बनने वाली दरारों से खनिज युक्त गर्म पानी गुजरता है, जिससे सोना जमा होने लगता है। यही वजह है कि कई सोने की खदानें पहाड़ी और ज्वालामुखीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

नदियों में भी मिलता है सोनाImage Credit : Canva07 / 08

नदियों में भी मिलता है सोना

पहाड़ों और चट्टानों के टूटने से सोने के छोटे कण नदियों तक पहुंच जाते हैं। वर्षों तक पानी के बहाव के कारण ये कण नदी की तलहटी में जमा हो जाते हैं। इसी वजह से कई जगहों पर लोग नदी की रेत छानकर भी सोना निकालते हैं।

करोड़ों साल में तैयार होता है सोनाImage Credit : Canva08 / 08

करोड़ों साल में तैयार होता है सोना

वैज्ञानिकों का कहना है कि सोने का निर्माण बेहद धीमी और जटिल प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें लाखों-करोड़ों साल लग जाते हैं। यही कारण है कि सोना आज भी दुनिया की सबसे दुर्लभ और मूल्यवान धातुओं में शामिल है।

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