​हाथ में लेकर घूमते रह जाएंगे Ayushman कार्ड, नहीं होगा इलाज, सरकार ने बताए 5 कारण​

​Ayushman Card Rejection: आयुष्मान कार्ड मोदी सरकार द्वारा जारी अब तक का सबसे बड़ी योजना है जिससे करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा है। देश में मोतियाबिंद के अधिकतर ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड के जरिए ही हो रहे हैं। देश के तमाम प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुष्मान कार्ड का क्लेम किसी भी वक्त रिजेक्ट भी हो सकता है जिससे आप मुसीबत में फंस सकते हैं। सरकार ने खुद आयुष्मान कार्ड के रिजेक्ट होने के कराण बताएं हैं। ​

Authored by: प्रदीप पाण्डेयUpdated Dec 17 2025, 10:10 IST
​आयुष्मान कार्ड क्या है?​Image Credit : Fb/nha01 / 08

​आयुष्मान कार्ड क्या है?​

​केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को सरकारी स्वास्थ्य बीमा के रूप में लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बिना किसी खर्च के इलाज की सुविधा देना है। इसके लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना जरूरी होता है, क्योंकि यही कार्ड फ्री इलाज का मुख्य प्रमाण होता है।​

आयुष्मान कार्ड क्यों हो सकता है रिजेक्टImage Credit : Fb/nha02 / 08

आयुष्मान कार्ड क्यों हो सकता है रिजेक्ट

​आयुष्मान कार्ड बनवाते समय दी गई जानकारी का आधार डाटा और एनएचए पोर्टल पर मौजूद सोर्स डाटा से पूरी तरह मेल खाना जरूरी होता है। अगर किसी भी स्तर पर जानकारी में अंतर पाया गया, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है। कई बार छोटी-सी गलती भी कार्ड बनने में रुकावट बन जाती है।​

​इन वजहों से खारिज हो सकता है आवेदन​Image Credit : Fb/nha03 / 08

​इन वजहों से खारिज हो सकता है आवेदन​

अगर आधार कार्ड में दर्ज जानकारी और सोर्स डाटा में नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि या पता अलग-अलग है, तो कार्ड रिजेक्ट होने की आशंका रहती है। इसके अलावा आधार और सोर्स डाटा में जेंडर (लिंग) का मेल न होना भी आवेदन रद्द होने की एक बड़ी वजह बनता है।

​आयुष्मान कार्ड से क्या मिलता है फायदा​Image Credit : Fb/nha04 / 08

​आयुष्मान कार्ड से क्या मिलता है फायदा​

​आयुष्मान कार्ड वर्ष 2018 में शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी किया जाता है। इस कार्ड के जरिए देशभर के हजारों सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कराया जा सकता है। खास बात यह है कि कार्ड बनवाने के लिए किसी एजेंट या लाइन में लगने की जरूरत नहीं होती, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल है।​

​6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मिला मुफ्त इलाज​Image Credit : Fb/nha05 / 08

​6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मिला मुफ्त इलाज​

​स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। योजना से देश के 30,000 से अधिक अस्पताल जुड़े हुए हैं, जहां लाभार्थी बिना किसी शुल्क के इलाज करवा सकते हैं।​

​किन बीमारियों का मिलता है फ्री इलाज​Image Credit : Fb/nha06 / 08

​किन बीमारियों का मिलता है फ्री इलाज​

​इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने से पहले के 7 दिन और डिस्चार्ज के बाद 10 दिन तक की जांच, दवाइयां और फॉलो-अप भी मुफ्त होते हैं। इसके तहत कोविड-19, कैंसर, किडनी और दिल की बीमारियां, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, डायलिसिस, मोतियाबिंद समेत कई गंभीर रोगों का इलाज शामिल है।​

​ऑनलाइन कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड​Image Credit : Fb/nha07 / 08

​ऑनलाइन कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड​

​आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले मोबाइल में सरकारी Ayushman ऐप इंस्टॉल करना होता है। ऐप खोलने के बाद भाषा चुनें और लॉगइन करते समय Beneficiary विकल्प पर जाएं। यहां कैप्चा और मोबाइल नंबर भरकर आगे बढ़ें। इसके बाद PM-JAY योजना चुनकर राज्य, जिला और आधार नंबर दर्ज करें।​

​ऐप से करें डाउनलोड​Image Credit : Fb/nha08 / 08

​ऐप से करें डाउनलोड​

​लॉगइन करने पर परिवार के सभी सदस्यों के नाम दिखेंगे। जिनका कार्ड नहीं बना होगा, उनके नाम के आगे Authenticate लिखा होगा। उस विकल्प पर टैप करके आधार नंबर डालें, ओटीपी वेरिफिकेशन करें और फोटो खींचें। इसके बाद मोबाइल नंबर और रिश्ते की जानकारी भरकर e-KYC पूरी करें। सभी जानकारी सत्यापित होने के बाद करीब एक हफ्ते में कार्ड ऐप से डाउनलोड किया जा सकता है।​

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