सबसे बड़ी गलती है कमरे के आकार के अनुसार AC का चयन न करना। अगर छोटा AC बड़े कमरे में लगाया जाएगा, तो वह ठीक से ठंडा नहीं कर पाएगा। वहीं, बड़े AC को छोटे कमरे में लगाने से बिजली की खपत बढ़ेगी। इसलिए खरीदने से पहले कमरे का साइज जरूर मापें और उसी के अनुसार टन (Ton) क्षमता वाला AC चुनें।
कई लोग सस्ता AC देखकर खरीद लेते हैं, लेकिन उसकी स्टार रेटिंग पर ध्यान नहीं देते। कम स्टार रेटिंग वाला AC ज्यादा बिजली खपत करता है, जिससे बिजली बिल बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा 4 या 5 स्टार रेटिंग वाला AC चुनना बेहतर होता है, जिससे लंबे समय में पैसे की बचत होती है।
आजकल बाजार में इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर AC दोनों उपलब्ध हैं। इन्वर्टर AC बिजली की खपत कम करता है और तापमान को स्थिर बनाए रखता है, जबकि नॉन-इन्वर्टर AC बार-बार ऑन-ऑफ होता है, जिससे बिजली ज्यादा खर्च होती है। बिना समझे गलत विकल्प चुनना बाद में भारी पड़ सकता है।
अक्सर लोग सिर्फ AC की कीमत देखते हैं और इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस खर्च को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन AC लगवाने, पाइपिंग और सर्विसिंग में भी अच्छा-खासा खर्च आता है। इसलिए खरीदते समय इन सभी लागतों को ध्यान में रखना चाहिए।
ऑफर और डिस्काउंट के चक्कर में लोग कई बार कम भरोसेमंद ब्रांड का AC खरीद लेते हैं। ऐसे AC जल्दी खराब हो सकते हैं और सर्विस भी सही नहीं मिलती। इसलिए हमेशा अच्छी कंपनी और भरोसेमंद ब्रांड का AC ही खरीदें, भले ही कीमत थोड़ी ज्यादा क्यों न हो।
AC एक लंबी अवधि का निवेश होता है, इसलिए इसे खरीदते समय जल्दबाजी करने के बजाय सही जानकारी जुटाना जरूरी है।