सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने में देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा विशेष पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आइए जानते हैं दिल्ली के पास मौजूद पांच प्रसिद्ध शिव मंदिरों के बारे में।
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित गौरी शंकर मंदिर राजधानी के सबसे प्रसिद्ध शिवालयों में गिना जाता है। माना जाता है कि यहां स्थापित शिवलिंग लगभग 800 वर्ष पुराना है।
हालांकि कालकाजी मंदिर माता काली के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसके परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर भी भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
दिल्ली से करीब 20–25 किलोमीटर दूर गाजियाबाद का दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल नीलकंठ महादेव मंदिर अपनी शांत और आध्यात्मिक आभा के लिए जाना जाता है। सावन के महीने में यहां प्रतिदिन विशेष अभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव आरती होती है।
सावन में मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होती है। इसलिए सुबह जल्दी पहुंचने की कोशिश करें। जलाभिषेक के लिए बेलपत्र, धतूरा, सफेद पुष्प, गंगाजल और स्वच्छ जल साथ रखें।
दिल्ली से लगभग 70 किलोमीटर दूर बागपत जिले में स्थित पुरा महादेव मंदिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध परशुराम और रावण की कथा से जुड़ा है।