CP Tarun Gauba Success Story: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने इंजीनियरिंग के बाद यूपीएससी की राह चुनी। खास बात यह है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद सिविल सेवा का रास्ता चुना और आज प्रदेश की राजधानी की कानून-व्यवस्था की कमान संभालने जा रहे हैं। आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा अपनी सख्त कार्यशैली, जांच-पड़ताल में विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
तरुण गाबा उत्तर प्रदेश में कई जिलों के पुलिस प्रमुख रह चुके हैं। इसके अलावा वे राज्यपाल के एडीसी, लखनऊ रेंज के आईजी और गृह विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है।
कहां से ली बीई की डिग्री
यूपी पुलिस ऑफिसर वेबसाइट के मुताबिक, मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले तरुण गाबा ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन में बीई (BE) की डिग्री ली है। उन्होंने ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में एमडीपीएम (MDPM), साइबर लॉ में पीजी और अमेरिका के हम्फ्री स्कूल ऑफ पब्लिक अफेयर्स से फेलोशिप के साथ-साथ इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से पब्लिक पॉलिसी में एडवांस मैनेजमेंट कोर्स किया है।
CBI में निभाई भूमिका
आईपीएस बनने के बाद तरुण गाबा ने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं, लेकिन उनका सबसे चर्चित कार्यकाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में रहा। करीब सात वर्षों तक CBI में रहते हुए उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की। उन्होंने देश के चर्चित व्यापम घोटाले (Vyapam Scam) और डेरा सच्चा सौदा जैसे सनसनीखेज मामलों की जांच में उनकी अहम भूमिका निभाई है। IG रहते हुए उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक मेले महाकुंभ 2025 की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का काम बहुत ही अच्छे से संभाला था।
