सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि USB Type-C एक यूनिवर्सल टेक्नोलॉजी है। इसे किसी एक कंपनी ने नहीं बनाया, बल्कि कई बड़ी कंपनियों के समूह USB Implementers Forum ने मिलकर विकसित किया है यानी iPhone हो या एंड्रॉयड फोन, दोनों में इस्तेमाल होने वाला Type-C पोर्ट एक जैसा ही होता है। इसलिए किसी भी Type-C केबल को किसी भी डिवाइस में इस्तेमाल करने से नुकसान होने की बात सही नहीं है।
दिलचस्प बात यह है कि Apple ने सबसे पहले 2015 में अपने मैकबुक में Type-C पोर्ट दिया था। हालांकि iPhone में इसे लाने में कंपनी ने काफी समय लिया। आज Type-C एक स्टैंडर्ड बन चुका है, जिसका इस्तेमाल फोन, लैपटॉप और कई अन्य डिवाइस में किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर कई वायरल वीडियो में कहा जाता है कि एंड्रॉयड केबल में ज्यादा पिन होती हैं, जो iPhone को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जबकि सच्चाई यह है कि iPhone की केबल में भी पिन होती हैं, बस वे कम और कम दिखाई देने वाली होती हैं। अलग-अलग कंपनियां अपनी जरूरत के हिसाब से केबल डिजाइन करती हैं, इसलिए पिन की संख्या में फर्क हो सकता है। लेकिन इससे डिवाइस को कोई नुकसान नहीं होता।
अक्सर एंड्रॉयड Type-C केबल ज्यादा एडवांस फीचर्स सपोर्ट करती हैं। जैसे तेज डेटा ट्रांसफर, मॉनिटर से कनेक्शन और हाई-क्वालिटी वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स। वहीं iPhone के साथ मिलने वाली केबल आमतौर पर बेसिक चार्जिंग और सीमित डेटा ट्रांसफर तक ही सीमित रहती है।
जहां कई एंड्रॉयड केबल USB 3.2 या उससे ऊपर की स्पीड सपोर्ट करती हैं, वहीं iPhone की स्टैंडर्ड केबल अक्सर USB 2.0 तक सीमित होती है। इसका मतलब है कि एंड्रॉयड केबल से डेटा ट्रांसफर और अन्य काम ज्यादा तेजी से किए जा सकते हैं।
अगर आप सिर्फ चार्जिंग के लिए केबल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो iPhone की ओरिजिनल केबल भी पर्याप्त है, लेकिन अगर आपको तेज डेटा ट्रांसफर या एडवांस फीचर्स चाहिए, तो अच्छी क्वालिटी की Type-C (एंड्रॉयड) केबल का इस्तेमाल किया जा सकता है। खास बात यह है कि खुद Apple भी थर्ड-पार्टी केबल इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।
कुल मिलाकर, एंड्रॉयड केबल से iPhone चार्ज करना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते केबल अच्छी क्वालिटी की हो। सोशल मीडिया पर फैल रही “पिन से नुकसान” वाली बातें सिर्फ भ्रम हैं।