कई यूजर्स सस्ता या लोकल चार्जर इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसा करने से बैटरी पर गलत वोल्टेज का दबाव पड़ता है और फोन की परफॉर्मेंस खराब हो सकती है। हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए या ओरिजनल चार्जर का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहता है। इसके अलावा यदि आपको कोई और चार्जर का इस्तेमाल भी करना है तो ठीक-ठाक कंपनी का चार्जर यूज कर सकते हैं वो भी वोल्टेज देखकर।
चार्ज करते समय कॉल पर बात करना, गेम खेलना या वीडियो देखना फोन को जरूरत से ज्यादा गर्म कर देता है। इससे न केवल बैटरी की लाइफ घटती है बल्कि ओवरहीटिंग का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचना चाहिए।
कई लोग फोन को पूरी रात चार्जिंग पर छोड़ देते हैं। यह आदत बैटरी को ओवरचार्ज कर देती है और लंबे समय में उसकी क्षमता कम होने लगती है। स्मार्टफोन को जरूरत से ज्यादा चार्ज न करें। इससे बचने के लिए आप फोन के बैटरी प्रोटेक्शन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो फोन को 95% पर अपने आप ऑटो कट कर देता है।
अगर फोन को गर्म वातावरण में चार्ज किया जाए तो बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। यह स्थिति बैटरी स्वेलिंग और ओवरहीटिंग का कारण बन सकती है। चार्जिंग हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर करनी चाहिए। सीधे धूप से आकर फोन को चार्ज नहीं करना चाहिए।
धूल और नमी चार्जिंग पोर्ट को प्रभावित कर सकते हैं। अगर पोर्ट साफ न हो तो चार्जिंग सही तरह से नहीं होती और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना रहता है। समय-समय पर पोर्ट को साफ करना जरूरी है।
फोन को कवर के साथ चार्ज करने से गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। चार्जिंग करते समय कवर हटाना बैटरी के लिए सुरक्षित होता है।
फास्ट चार्जिंग सुविधा भले ही समय बचाती हो, लेकिन लगातार इसका इस्तेमाल बैटरी पर दबाव डालता है। सामान्य चार्जिंग को प्राथमिकता देना बैटरी की सेहत के लिए बेहतर माना जाता है।