हम बात कर हैं विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अमन मोखाड़े की। 25 साल के इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में अपने दमदार प्रदर्शन से सभी को चकित कर दिया। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से ना सिर्फ छाप छोड़ी, बल्कि वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
विदर्भ के लिए साल 2022-23 सीजन में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अमन मोखाड़े जब टीम की प्लेइंग इलेवन का नियमित हिस्सा बने तो उन्होंने रनों का अंबार लगाते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। वनडे की 16 पारियों में 1000 रन बनाने वाले अमन भारत के पहले जबकि दुनिया के संयुक्त पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
लिस्ट ए क्रिकेट यानी 50 ओवर के मैचों में सबसे तेज 1000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अब तक साउथ अफ्रीका के दिग्गज ग्रीम पोलॉक के नाम था। वह वनडे क्रिकेट में 16 पारियों में 1000 रन तक पहुंचे थे। अमन मोखाड़े ने जैसे ही सेमीफाइनल मैच में कर्नाटक के खिलाफ 138 रन की पारी खेली, वैसे ही वह भी 16 लिस्ट ए क्रिकेट की पारियों में 1000 रन पूरे करने वाले दुनिया के संयुक्त रूप से पहले और भारत के पहले बल्लेबाज बन गए।
अमन से पहले 17-17 पारियों में लिस्ट ए क्रिकेट में 1000 रन का आंकड़ा पार करने वाले भारतीय खिलाड़ियों में देवदत्त पडिक्कल और अभिनव मुकुंद शामिल है। हालांकि, अमन सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं। अमन 18 लिस्ट ए की 17 पारियों में अभी तक 65.35 की औसत और 106.95 की स्ट्राइक रेट से कुल 1046 बना चुके हैं। इसमें 5 शतक शामिल हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अमन मोखाड़े ने 10 पारियों में पांच शतक और एक अर्धशतक की मदद से कुल 814 रन बनाए। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल 725 रन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अमन विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्याद रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। साल 2022-23 में तमिलनाडु के नारायण जगदीशन ने 830 रन बनाए थे।
अमन मोखाड़े के लिए यह घरेलू क्रिकेट सीजन किसी शानदार सपने से कम नहीं रहा। रणजी ट्रॉफी के पहले लेग में उन्होंने विदर्भ के लिए सात पारियों में 96.16 की औसत से 577 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में विदर्भ के लिए उन्होंने 34.33 की औसत से 206 रन बनाए।
अमन मोखड़े की धूरंधर पारियों की वजह से विदर्भ फाइनल तक पहुंचा और चैंपियन बना। फाइनल में अमन 33 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, टीम ने अथर्व तायडे के 128 रन की बदौलत 317 रन बनाए। 318 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सौराष्ट्र की पूरी टीम 48.5 ओवर में 279 रन ही बना सकी। सौराष्ट्र इस सीजन डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरी थी और खिताब का बचाव नहीं कर सकी।