Mercury Jupiter Binovile 2026: 3 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि 12 बजकर 14 मिनट पर बुध और देवगुरु बृहस्पति एक-दूसरे से 80 डिग्री के कोण पर आ गए हैं। ज्योतिष में इस स्थिति को बाइनोविल एस्पेक्ट कहते हैं। इस समय गुरु सिंह राशि में और बुध तुला राशि में मौजूद हैं। दोनों ग्रहों का यह विशेष संबंध मेष, कर्क, सिंह, तुला और धनु राशि वालों के लिए शुभ संकेत दे रहा है। इन राशियों को करियर, बिजनेस, शिक्षा, आर्थिक मामलों और अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। इस आस्पेक्ट का ज्योतिषीय महत्व इसलिए भी है, क्योंकि बुध बुद्धि, व्यापार, कम्युनिकेशन, लेखन और गणना के कारक हैं। वहीं देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, विवेक, शिक्षा, धन और भाग्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दोनों ग्रहों के बीच बनने वाला 80 डिग्री का संबंध नई सोच, क्रिएटिविटी और किसी काम को बेहतर तरीके से पूरा करने की क्षमता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। आइए जानते हैं किन पांच राशियों के लिए यह एस्पेक्ट सबसे ज्यादा अनुकूल रह सकता है।
जब दो ग्रह एक-दूसरे से 80 डिग्री के कोण पर होते हैं, तो बाइनोविल एस्पेक्ट बनता है। यह पांचवें हार्मोनिक से जुड़ा एक सूक्ष्म ज्योतिषीय एस्पेक्ट है। आधुनिक ज्योतिष में इसे रचनात्मक प्रतिभा, विशेष कौशल, बुद्धिमत्ता और समस्याओं का नया समाधान खोजने की क्षमता से जोड़ा जाता है। इस समय बुध तुला राशि में और गुरु सिंह राशि में हैं। बुध का संबंध व्यापार, लेखन, कम्युनिकेशन, मार्केटिंग और कैलकुलेशन से है। वहीं गुरु ज्ञान, शिक्षा, सलाह, धन और बड़े फैसलों से जुड़े हैं। ऐसे में यह संबंध उन लोगों के लिए उपयोगी रह सकता है जो अपनी बुद्धि, अनुभव और हुनर के दम पर तरक्की करना चाहते हैं। बुध इस समय वक्री और अस्त अवस्था में भी हैं। ऐसे में पुराने प्रोजेक्ट, रुके हुए भुगतान, अधूरे काम और पहले से चल रही बिजनेस डील को दोबारा व्यवस्थित करने से लाभ मिलने की संभावना अधिक रहेगी।
मेष राशि वालों के लिए देवगुरु बृहस्पति पांचवें भाव में और बुध सातवें भाव में गोचर कर रहे हैं। पांचवां भाव बुद्धि, शिक्षा, संतान, रचनात्मकता और निवेश से जुड़ा है। वहीं सातवां भाव विवाह, बिजनेस पार्टनरशिप और व्यापारिक समझौतों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में बुध और गुरु का यह संबंध मेष राशि वालों के लिए अपनी समझदारी और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने के अवसर बना सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अपनी रणनीति सुधारने का मौका मिलेगा। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों को नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। बिजनेस करने वाले जातकों के लिए पार्टनरशिप और क्लाइंट डीलिंग के मामले अनुकूल रह सकते हैं। किसी पुराने संपर्क से दोबारा काम मिलने की संभावना है। हालांकि बुध के वक्री होने के कारण किसी नए समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी शर्तें अच्छी तरह पढ़ लें।
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु दूसरे भाव में और बुध चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का प्रतिनिधित्व करता है। चौथा भाव घर, जमीन-जायदाद, वाहन, शिक्षा और पारिवारिक सुख से जुड़ा है। इस लिहाज से बुध और गुरु का बाइनोविल कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे रहा है। गुरु कर्क राशि के नौवें भाव के स्वामी होकर दूसरे भाव में हैं। इससे धन और बचत के मामलों में फायदा मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को आय बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। बिजनेस करने वालों को पुराने ग्राहकों या संपर्कों से लाभ मिल सकता है। परिवार में किसी आर्थिक योजना को आगे बढ़ाने की बात बन सकती है। बुध तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी होकर चौथे भाव में हैं। इससे शिक्षा, लेखन और घर से जुड़े कामों में नए विचार सामने आ सकते हैं। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। हालांकि किसी भी सौदे में दस्तावेजों की जांच जरूर करें।
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु पहले भाव यानी लग्न में और बुध तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। पहला भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, कम्युनिकेशन, लेखन और अपने प्रयासों से जुड़ा है। गुरु सिंह राशि के पांचवें भाव के स्वामी होकर लग्न में हैं। इससे बुद्धि, शिक्षा और रचनात्मक प्रतिभा को मजबूती मिल सकती है। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और लोगों को प्रभावित करने की क्षमता बढ़ सकती है। मैनेजमेंट, शिक्षा, सलाहकार, प्रशासन और क्रिएटिव क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव में हैं। इससे कम्युनिकेशन, मार्केटिंग, लेखन और व्यापार के जरिए आमदनी बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मीडिया से जुड़े लोगों को नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। किसी पुराने संपर्क से आर्थिक फायदा मिलने की भी संभावना है।
तुला राशि वालों के लिए बुध पहले भाव यानी लग्न में और गुरु ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। पहला भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता से जुड़ा है। वहीं ग्यारहवां भाव आमदनी, लाभ, बड़े संपर्क और इच्छाओं की पूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है। यह स्थिति तुला राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ और सामाजिक पहचान के नए अवसर बना सकती है। बुध तुला राशि के नौवें भाव के स्वामी होकर लग्न में हैं। इससे भाग्य, बुद्धि और कम्युनिकेशन स्किल का अच्छा इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है। लेखन, मीडिया, मार्केटिंग, बिजनेस और कंसल्टिंग से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सलाह और विचारों को महत्व मिल सकता है। गुरु तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर ग्यारहवें भाव में हैं। इससे मेहनत, नौकरी और प्रतिस्पर्धा के जरिए लाभ मिलने की संभावना है। पुराने क्लाइंट से दोबारा काम मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारी या आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। नए लोगों से संपर्क बनाना भी फायदेमंद रहेगा।
धनु राशि वालों के लिए बृहस्पति नौवें भाव में और बुध ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। नौवां भाव भाग्य, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राओं और गुरु का है। वहीं ग्यारहवां भाव आमदनी, लाभ और बड़े संपर्कों से जुड़ा है। इन दोनों ग्रहों की स्थिति धनु राशि वालों के लिए विशेष रूप से अनुकूल संकेत दे रही है। धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और उनका नौवें भाव में होना भाग्य तथा उच्च शिक्षा के मामलों में सहयोग दे सकता है। विद्यार्थियों को अच्छी खबर मिल सकती है। विदेश में पढ़ाई या नौकरी की योजना बना रहे लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। नौकरी में तरक्की और बिजनेस के विस्तार के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी होकर ग्यारहवें भाव में हैं। इससे करियर, बिजनेस और पार्टनरशिप से आमदनी बढ़ाने के रास्ते बन सकते हैं। नए क्लाइंट, बड़े ऑर्डर और पुराने संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। अपनी नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन स्किल का सही इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।