संजू सैमसन ने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनकर बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारत को तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने हाल में समाप्त हुए टी20 विश्व कप 2026 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता। टूर्नामेंट का बेस्ट खिलाड़ी बनकर संजू सैमसन ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर दिया। आइए विस्तार से जानते हैं वो रिकॉर्ड क्या है?

Authored by: उमेश कुमारUpdated Mar 11 2026, 08:40 IST
बने पहले खिलाड़ीImage Credit : AP/BCCI01 / 07

बने पहले खिलाड़ी

आईसीसी वर्ल्ड कप के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो कि जिस खिलाड़ी को आधे सफर तक प्लेइंग-11 का हिस्सा बनाने के काबिल ना समझा जाए वो खिलाड़ी, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बन जाए। सैमसन पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने आईसीसी के मेंस या विमेंस वर्ग के किसी टूर्नामेंट में अपनी टीम की तरफ से चार मैच नहीं खेलने के बावजूद 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता।

प्लेइंग इलेवन का नहीं थे हिस्साImage Credit : AP/BCCI02 / 07

प्लेइंग इलेवन का नहीं थे हिस्सा

उनसे पहले चार खिलाड़ी ही ऐसे थे, जिन्होंने अपनी टीम के सभी मैच नहीं खेलने के बावजूद टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता था। इन खिलाड़ियों ने हालांकि, अपनी टीम की तरफ से केवल एक मैच नहीं खेला था। जिस संजू सैमसन के लिए कप्तान सूर्यकुमार यादव दो हफ्ते पहले तक प्लेइंग-11 में कोई जगह नहीं देख पा रहे थे, वही, भारत की जीत के सबसे बड़े नायक बने।

संघर्ष के बाद चमके Image Credit : AP/BCCI03 / 07

संघर्ष के बाद चमके

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्हें शुरुआती मैचों की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई। उन्हें बीच में अभिषेक शर्मा के अस्वस्थ होने के कारण एक मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था।

सुपर-8 में मचाया गदरImage Credit : AP/BCCI04 / 07

सुपर-8 में मचाया गदर

सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से बड़ी हार के बाद भारत ने अपने शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन को मौका दिया और केरल के इस खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। तीन नॉकआउट मुकाबले और तीनों में ही एक से बढ़कर एक पारी। संजू सैमसन ने ऐसा कमाल कर दिखाया है कि इसे क्रिकेट इतिहास के सबसे कामयाब कमबैक में काउंट किया जा सकता है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली नाबाद 97 रन की पारी Image Credit : AP/BCCI05 / 07

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली नाबाद 97 रन की पारी

संजू सैमसन ने पहले वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। फिर उन्होंने वानखेड़े में 42 गेंद में 89 रन की पारी खेलकर ये तय किया कि भारतीय टीम फाइनल का हिस्सा बनने जा रही है। अहमदाबाद में फिर 89 रन की पारी खेलकर तय किया कि टी20 वर्ल्ड कप का ताज भारत के पास ही बरकरार रहेगा।

पांच मैच में बनाए 321 रन Image Credit : AP/BCCI06 / 07

पांच मैच में बनाए 321 रन

महज पांच मैचों में संजू सैमसन को 321 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया तो मानो उनके दिल के सारे दर्द बाहर निकल आए। उन्होंने 199.37 के स्ट्राइक रेट और 80.25 के औसत से ये रन बनाए थे। वो महज तीसरे ऐसे खिलाड़ी बने, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल में अर्धशतक लगाया हो। इसके अलावा संजू ने एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया।

बना दिया विश्व रिकॉर्ड Image Credit : AP/BCCI07 / 07

बना दिया विश्व रिकॉर्ड

भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल 9 मैच खेले, जिनमें से सैमसन पांच मैच ही खेल पाए थे। आईसीसी के मेंस या विमेंस वर्ग के टूर्नामेंट में इससे पहले 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने वाले किसी खिलाड़ी ने या तो अपनी टीम के सभी मैच खेले थे या फिर वे केवल एक मैच से बाहर रहे थे। संजू ऐसे पहले खिलाड़ी बने, जिन्होंने चार मैच नहीं खेले। जिन खिलाड़ियों ने आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में एक मैच नहीं खेलने के बावजूद 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' पुरस्कार हासिल किया था, उनमें ऑस्ट्रेलिया की लिसा कीटली (महिला वनडे विश्व कप 2000, 9 में से 8 मैच खेले), ऑस्ट्रेलिया की ही कारेन रोल्टन (महिला वनडे विश्व कप 2005, 8 में से 7 मैच खेले), इंग्लैंड के केविन पीटरसन (मेंस टी20 विश्व कप 2010, 7 में से 6 मैच खेले) और न्यूजीलैंड के रचिन रविंद्र (चैंपियंस ट्रॉफी 2025, 5 में से 4 मैच खेले) शामिल हैं।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!