Hanuman Jayanti 2023: हनुमान जयंती पर बजरंगबली से सीखें ये 5 गुण, जीवन बदलते नहीं लगेगी देर

Life Lessons of Hanuman ji on Hanuman Jayanti 2023: हनुमान जी परम बलवान और बुद्धिमान होने के बाद भी सदैव अहंकार से दूर रहते हैं। हनुमान जी के बारे में तुलसीदास जी लिखते हैं— “संकट कटै मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बल बीरा” अर्थात हनुमान जी के नाम का रोज स्मरण करने से सभी संकट अपने आप दूर हो जाते हैं। आज हनुमान जयंती के अवसर पर आप भी हनुमान जी के जीवन से इन 5 गुणों को सीखकर अपने जीवन में धारण कर सकते हैं और अपने जीवन को सफलता की ओर ले जा सकते हैं।

Authored by: कुलदीप राघवUpdated Apr 6 2023, 07:11 IST
आत्ममुग्धता से कोसों दूर Image Credit : BCCL/Istock01 / 07

आत्ममुग्धता से कोसों दूर

आज हम कोई छोटा मोटा काम करके वापस आते हैं तो उसे दूसरों को सुनाते फिरते हैं। जब हनुमान जी माता सीता की खोज करके और लंका का दहन करके वापस आते हैं तो भगवान के पूछने पर भी अपने पराक्रम का कोई किस्सा नहीं सुनाते हैं।

शंका नहीं समाधान बनेंImage Credit : BCCL/Istock02 / 07

शंका नहीं समाधान बनें

राम रावण युद्ध के समय जब लक्ष्मण जी को शक्ति लग जाती है तो लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने जाते हैं। बूटी की पहचान ना कर पाने की स्थिति में वह पूरा पहाड़ ही उठा लाते हैं। इस प्रसंग से हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि हमें हमेशा शंका को छोड़ते हुए समाधान की ओर बढ़ना चाहिए।

बहुमुखी प्रतिभा के धनीImage Credit : BCCL/Istock03 / 07

बहुमुखी प्रतिभा के धनी

अक्सर हम अपने ज्ञान और प्रतिभा का बेवजह प्रदर्शन करने लग जाते हैं। हनुमान चालीसा में लिखा है— “सूक्ष्म रूप धरी सियंही दिखावा, विकट रूप धरी लंक जरावा”। हनुमान जी आवश्यकता के अनुरूप ही अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं।

संवाद कौशल Image Credit : BCCL/Istock04 / 07

संवाद कौशल

श्री रामचरितमानस के उत्तरकांड का प्रसंग है— “कपि के वचन सप्रेम सुनि, उपजा मन बिस्वास। जाना मन क्रम वचन यह, कृपासिंधु कर दास”।। जब हनुमान जी माता सीता से ‘अशोक वाटिका’ में मिलते हैं तो सीता जी उन्हें पहचान नहीं पाती हैं। वानर रूप में भगवान के दूत को देखकर सीता जी को बिस्वास नहीं होता है तब हनुमान जी अपने ‘संवाद कौशल’ से माता को भरोसा दिलाते हैं कि वे ही भगवान के दूत हैं।

चतुराईImage Credit : BCCL/Istock05 / 07

चतुराई

सुंदरकांड का प्रसंग है— जब हनुमान जी लंका जाने के लिए समुद्र पार कर रहे थे तो रास्ते में हनुमान जी को सुरसा नाम की राक्षसी ने खाने का प्रयास किया। तब हनुमान जी ने अपनी चतुराई का परिचय देते हुए पहले तो अपने रूप को बहुत बड़ा किया और फिर उससे बचने के लिए बहुत छोटा रूप लेकर उसके पेट में गए और फिर पेट से बाहर आ गए।

अद्भुत है हनुमान जी का किरदार  Image Credit : BCCL/Istock06 / 07

अद्भुत है हनुमान जी का किरदार

भगवान राम के जीवन की जब बात आती है तो रामायण का जिक्र किया जाना स्वाभाविक है या ऐसा भी कहा जा सकता है कि राम के अनन्य भक्त हनुमान रामायण के सबसे महत्वपूर्ण किरदार हैं।

अपना लें हनुमान जी के गुणImage Credit : BCCL/Istock07 / 07

अपना लें हनुमान जी के गुण

आप हनुमान जी से अपने जीवन के लिए वो गुण सीख सकते हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण परिवर्तन कर सकते हैं।

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