सावधान! सूर्य पर बना 8 लाख KM चौड़ा गड्ढा, पृथ्वी की ओर बहने लगी तेज सौर हवा; बिजली ग्रिड को खतरा

Coronal Hole: सूर्य की सतह में एक विशालकाय गड्ढा दिखाई दिया है। इस गड्ढे की चौड़ाई 8 लाख किमी बताई जा रही है। इस गड्ढे को कोरोनल होल नाम दिया गया है जिसकी वजह से पृथ्वी की तरफ तेजी से सोलर विंड बह रही है। आसान भाषा में कहें तो सूर्य की सतह पर इतना विशालकाय गड्ढा है कि इसमें 62 से अधिक पृथ्वी समा सकती हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोनल होल से पृथ्वी की ओर सोलर विंड आने का सिलसिला जारी है। जिसकी वजह से भू-चुंबकीय तूफान की स्थितियां पैदा हो सकती है।

Slideshow/s by: अनुराग गुप्ताUpdated Feb 1 2025, 09:03 IST
सूर्य की सतह पर बना विशालकाय गड्ढाImage Credit : NASA01 / 06

सूर्य की सतह पर बना विशालकाय गड्ढा

सूर्य की सतह पर एक विशालकाय गड्ढा बन गया है जिसकी चौड़ाई इतनी ज्यादा है कि उसमें 62 से अधिक पृथ्वी समा सकती हैं। इन विशालकाय गड्ढों को कोरोनल होल कहा जाता है, जहां से तीव्र गति से चलने वाली सोलर विंड प्रवाहित होती है। (फोटो साभार: NASA)

कोरोनल होल क्या है?Image Credit : NASA02 / 06

कोरोनल होल क्या है?

Coronal Hole: स्पेसवेदर डॉट कॉम के मुताबिक, कोरोनाल होल ऐसे क्षेत्र हैं जहां सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र खुल गए हैं, जिसकी वजह से बिना किसी रोकटोक के सोलर विंड अंतरिक्ष में प्रवाहित होती है। ऐसे क्षेत्र पराबैंगनी छवियों में गहरे दिखाई देते हैं। (फोटो साभार: NASA)

सोलर विंड की रफ्तारImage Credit : NASA03 / 06

सोलर विंड की रफ्तार

Solar Wind: लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनल होल से निकलने वाली सोलर विंड, जिन्हें सौर हवा भी कहा जाता है, 500 किमी प्रति सेकंड से भी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। बकौल रिपोर्ट, सोलर विंड के पृथ्वी पर पहुंचने पर भू-चुंबकीय तूफान की स्थिति पैदा हो सकती है। (फोटो साभार: NASA)

सैटेलाइट सहित इन चीजों को खतराImage Credit : NASA04 / 06

सैटेलाइट सहित इन चीजों को खतरा

Solar Wind Alert: सोलर विंड के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराने की वजह से सैटेलाइट, रेडियो कम्युनिकेशन और बिजली ग्रिड ठप हो सकते हैं जिसकी वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है। (फोटो साभार: NASA)

रंगी-बिरंगी रोशनी देखने का भी मौकाImage Credit : NASA05 / 06

रंगी-बिरंगी रोशनी देखने का भी मौका

Aurora: सोलर विंड के पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में आने से ऑरोरा उत्पन्न होती है। सूर्य से आने वाले आवेशित कण ऊपरी वायुमंडल में मौजूद गैसों से टकराते हैं जिससे उनमें ऊर्जा स्थानांतरित होती है। यह ऊर्जा प्रकाश के रूप में निकलती है। जिसकी वजह से रात के समय हमें नार्दन लाइट्स देखने को मिलती है। (फोटो साभार: NASA)

कब तक रहेगा कोरोनल होल?Image Credit : NASA06 / 06

कब तक रहेगा कोरोनल होल?

सूर्य की सतह पर कोरोनल होल कब तक रहेगा? इसके बारे में पुख्ता तौर पर वैज्ञानिक भी नहीं बता पा रहे हैं। ऐसे में जब तक कोरोनल होल बना रहेगा तब तक उसका असर दिखाई देगा। हाल ही में एक फरवरी को ऑरोरा का अलर्ट जारी हुआ है। (फोटो साभार: NASA)

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