Star Clusters: आकाशगंगाओं में मौजूद धूल और गैस के विशाल बादलों को तारा निर्माण क्षेत्र कहा जाता है, जहां पर तारों का निर्माण होता है। इन्हें तारकीय नर्सरी भी कहा जाता है।
NGC 2005: अपनी मिल्की-वे आकाशगंगा की सबसे बड़ी उपग्रह आकाशगंगा बड़े मैगेलैनिक क्लाउड (Large Magellanic Cloud) में NGC 2005 के तारों की रासायनिक संरचना आस-पास के तारों से अलग है। NGC 2005 का हजारों-लाखों तारों वाला गोलाकार समूह विशालकाय और घना है। (फोटो साभार: NASA/Hubble/James Webb/ESA)
G35.2-0.7N Star Cluster: पृथ्वी से लगभग 7,200 प्रकाश वर्ष दूर एक्विला तारामंडल में स्थित G35.2-0.7N को उच्च द्रव्यमान वाले तारा निर्माण का केंद्र माना जाता है। इस क्षेत्र में बनने वाले तारे इतने विशाल होते हैं कि वे विनाशकारी सुपरनोवा के रूप में अपना जीवन समाप्त कर देंगे। हालांकि, जब तारे बनते हैं उस वक्त भी वे अपने आस-पास के वातावरण को बहुत प्रभावित करते हैं। (फोटो साभार: NASA/Hubble/James Webb/ESA)
NGC 1841: पृथ्वी से लगभग 1.62 लाख प्रकाश वर्ष दूर मेन्सा तारामंडल में स्थित एनजीसी 1841 की खोज खगोलविद जॉन हर्शेल ने 19 जनवरी 1836 को की थी, जो बड़े मैगेलैनिक क्लाउड का हिस्सा है। बता दें कि एनजीसी 1841 जैसे गोलाकार तारा समूह बेहद प्राचीन तारों की प्रणालियां हैं। (फोटो साभार: NASA/Hubble/James Webb/ESA)
NGC 6530: एनजीसी 6530 पृथ्वी से लगभग 4,350 प्रकाश वर्ष दूर धनु तारामंडल में स्थित है। एनजीसी 6530 का व्यास लगभग 14 प्रकाश वर्ष है तथा इसकी आयु 40 से 60 लाख साल के बीच है। यह गैस और धूल के एक विशाल अंतरतारकीय बादल लैगून नेबुला के भीतर स्थित है। (फोटो साभार: NASA/Hubble/James Webb/ESA)
NGC 1651: एनजीसी 1651 भी बड़े मैगेलैनिक क्लाउड का हिस्सा है। इसकी खोज खगोलविद जॉन हर्शेल ने 3 नवंबर, 1834 को की थी और एनजीसी 1651 की दूरी 1.62 लाख प्रकाश वर्ष दूर है। (फोटो साभार: NASA/Hubble/James Webb/ESA)