IMEI से छेड़छाड़ और फर्जी SIM पर सरकार की बड़ी चेतावनी, सीधे 3 साल की जेल और 50 लाख का जुर्माना

देश में बढ़ते साइबर क्राइम और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए सरकार टेलीकम्युनिकेशन संसाधनों के गलत इस्तेमाल पर सख्ती कर रही है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने नागरिकों को टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर, खासतौर पर मोबाइल फोन के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ या उसके गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है। सरकार के मुताबिक, ऐसे मामलों से न केवल नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, बल्कि टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क की सिक्योरिटी और इंटीग्रिटी के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।

Authored by: Pradeep PandeyUpdated Sep 1 2026, 13:55 IST
IMEI से छेड़छाड़ पर कड़ी कानूनी कार्रवाई01 / 09

IMEI से छेड़छाड़ पर कड़ी कानूनी कार्रवाई

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 और इसके तहत बनाए गए नियमों के मुताबिक IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना या अनधिकृत अथवा छेड़छाड़ किए गए टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर वाले डिवाइस का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। एक्ट के सेक्शन 42(3)(c) में टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर के साथ छेड़छाड़ पर रोक लगाई गई है।

वहीं, सेक्शन 42(3)(e) के तहत फ्रॉड, जालसाजी या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM या टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर हासिल करना भी अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर 3 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।Image Credit : Canva02 / 09

वहीं, सेक्शन 42(3)(e) के तहत फ्रॉड, जालसाजी या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM या टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर हासिल करना भी अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर 3 साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

अपराध में मदद करने वालों पर भी कार्रवाईImage Credit : Canva03 / 09

अपराध में मदद करने वालों पर भी कार्रवाई

कानून के सेक्शन 42(7) के तहत ऐसे अपराधों को कॉग्निजेबल और नॉन-बेलेबल माना गया है। इसका मतलब है कि पुलिस कुछ परिस्थितियों में बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है और आरोपी को सामान्य तौर पर जमानत का अधिकार नहीं मिलता। इसके अलावा, सेक्शन 42(6) के तहत ऐसे अपराध को करने में मदद करने या उसे बढ़ावा देने वाले लोगों पर भी समान प्रकार की कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

सरकार ने नागरिकों को ऐसे डिवाइस खरीदने, इस्तेमाल करने या असेंबल करने से बचने की सलाह दी है, जिनके IMEI को कॉन्फिगर किया जा सकता है या जिनके IMEI नंबर के साथ पहले से छेड़छाड़ की गई हो। इसमें मॉडेम, मॉड्यूल, SIM बॉक्स और इस तरह के अन्य उपकरण शामिल हो सकते हैं।Image Credit : Canva04 / 09

सरकार ने नागरिकों को ऐसे डिवाइस खरीदने, इस्तेमाल करने या असेंबल करने से बचने की सलाह दी है, जिनके IMEI को कॉन्फिगर किया जा सकता है या जिनके IMEI नंबर के साथ पहले से छेड़छाड़ की गई हो। इसमें मॉडेम, मॉड्यूल, SIM बॉक्स और इस तरह के अन्य उपकरण शामिल हो सकते हैं।

फर्जी दस्तावेज से SIM लेना भी अपराधImage Credit : Canva05 / 09

फर्जी दस्तावेज से SIM लेना भी अपराध

सरकार ने फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM कार्ड हासिल करने को लेकर भी चेतावनी दी है। अपने नाम पर जारी SIM कार्ड को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने, ट्रांसफर करने या किराए पर देने की अनुमति नहीं है।

इसके अलावा, कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) या किसी अन्य टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर को बदलने के लिए मोबाइल ऐप, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल करना भी गंभीर मामला हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपने नाम पर जारी SIM को साइबर फ्रॉड या किसी अन्य गैर-कानूनी गतिविधि के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को देता है, किराए पर देता है या उसका गलत इस्तेमाल होने देता है, तो उसे भी कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है।Image Credit : Canva06 / 09

इसके अलावा, कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) या किसी अन्य टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर को बदलने के लिए मोबाइल ऐप, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल करना भी गंभीर मामला हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपने नाम पर जारी SIM को साइबर फ्रॉड या किसी अन्य गैर-कानूनी गतिविधि के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को देता है, किराए पर देता है या उसका गलत इस्तेमाल होने देता है, तो उसे भी कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है।

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए रहें सतर्कImage Credit : Canva07 / 09

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए रहें सतर्क

सरकार के इस कदम का उद्देश्य टेलीकम्युनिकेशन संसाधनों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे छेड़छाड़ किए गए IMEI नंबर वाले डिवाइस का इस्तेमाल न करें और अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध ऑफर के जरिए SIM, मोबाइल डिवाइस या टेलीकम्युनिकेशन संसाधनों से जुड़े लेनदेन से भी सावधान रहना जरूरी है। खासतौर पर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए जाने की स्थिति में यूजर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।Image Credit : Canva08 / 09

किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध ऑफर के जरिए SIM, मोबाइल डिवाइस या टेलीकम्युनिकेशन संसाधनों से जुड़े लेनदेन से भी सावधान रहना जरूरी है। खासतौर पर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए जाने की स्थिति में यूजर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

संचार साथी से IMEI की कर सकते हैं जांचImage Credit : Canva09 / 09

संचार साथी से IMEI की कर सकते हैं जांच

मोबाइल फोन और कनेक्शन की जानकारी को वेरिफाई करने के लिए सरकार की संचार साथी पहल मददगार हो सकती है। इसके जरिए यूजर्स अपने मोबाइल डिवाइस के IMEI नंबर की जांच कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर डिवाइस से जुड़ी जानकारी, जैसे ब्रांड, मॉडल और निर्माता की जानकारी भी देखी जा सकती है।

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