टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 और इसके तहत बनाए गए नियमों के मुताबिक IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना या अनधिकृत अथवा छेड़छाड़ किए गए टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर वाले डिवाइस का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। एक्ट के सेक्शन 42(3)(c) में टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर के साथ छेड़छाड़ पर रोक लगाई गई है।
कानून के सेक्शन 42(7) के तहत ऐसे अपराधों को कॉग्निजेबल और नॉन-बेलेबल माना गया है। इसका मतलब है कि पुलिस कुछ परिस्थितियों में बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है और आरोपी को सामान्य तौर पर जमानत का अधिकार नहीं मिलता। इसके अलावा, सेक्शन 42(6) के तहत ऐसे अपराध को करने में मदद करने या उसे बढ़ावा देने वाले लोगों पर भी समान प्रकार की कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
सरकार ने फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM कार्ड हासिल करने को लेकर भी चेतावनी दी है। अपने नाम पर जारी SIM कार्ड को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने, ट्रांसफर करने या किराए पर देने की अनुमति नहीं है।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य टेलीकम्युनिकेशन संसाधनों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे छेड़छाड़ किए गए IMEI नंबर वाले डिवाइस का इस्तेमाल न करें और अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।
मोबाइल फोन और कनेक्शन की जानकारी को वेरिफाई करने के लिए सरकार की संचार साथी पहल मददगार हो सकती है। इसके जरिए यूजर्स अपने मोबाइल डिवाइस के IMEI नंबर की जांच कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म पर डिवाइस से जुड़ी जानकारी, जैसे ब्रांड, मॉडल और निर्माता की जानकारी भी देखी जा सकती है।