समुद्र किनारे घूमने जाएं तो आमतौर पर कार पार्किंग में छोड़नी पड़ती है। लेकिन सोचिए, अगर लहरों के साथ-साथ रेत पर कार दौड़ाने का मौका मिले तो? भारत में एक ऐसा खूबसूरत बीच है, जहां अपनी कार या बाइक लेकर पानी की लहरों के साथ ड्राइव करने का रोमांच लिया जा सकता है।
यह अनोखी जगह है केरल के कन्नूर जिले में स्थित मुजप्पिलंगाड ड्राइव-इन बीच। यहां समुद्र का किनारा ही सड़क जैसा महसूस होता है। एक तरफ अरब सागर की लहरें और दूसरी तरफ नारियल के पेड़ों से घिरा तट- यह नजारा रोड ट्रिप को यादगार बना देता है।
मुजप्पिलंगाड बीच पर करीब 4 किलोमीटर लंबे रेतीले तट पर कार या बाइक चलाई जा सकती है। यहां की रेत सख्त और अच्छी तरह जमी हुई है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में वाहन के पहिए आसानी से आगे बढ़ते हैं। हालांकि ड्राइविंग हमेशा तय रास्ते और स्थानीय निर्देशों के अनुसार ही करनी चाहिए।
बीच पर ड्राइव करने के लिए लो टाइड यानी समुद्र में भाटा होने का समय बेहतर माना जाता है। इस दौरान रेत अधिक चौड़ी और मजबूत मिल सकती है। निकलने से पहले ज्वार का समय और मौसम जरूर जांच लें। वाहन को पानी के बहुत पास ले जाने या तेज रफ्तार में चलाने से बचें।
यह बीच केवल ड्राइविंग के लिए ही खास नहीं है। यहां सूर्यास्त देखना, समुद्र किनारे तस्वीरें लेना और पक्षियों को निहारना भी अच्छा अनुभव हो सकता है। मौसम और उपलब्धता के अनुसार पैरासेलिंग, पावर बोटिंग और दूसरी वॉटर एक्टिविटीज भी की जा सकती हैं।
मुजप्पिलंगाड बीच के पास हरे-भरे पेड़ों वाला धर्मदम आइलैंड भी मौजूद है। लो टाइड के दौरान कुछ हिस्सों से इसकी ओर पैदल जाने का अनुभव मिल सकता है। हालांकि समुद्र का जलस्तर तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय लोगों या अधिकृत गाइड की सलाह के बिना आगे न बढ़ें।
मुजप्पिलंगाड बीच, थलास्सेरी से लगभग 7 किलोमीटर दूर है। नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन कन्नूर और थलास्सेरी हैं, जबकि हवाई यात्रा के लिए कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकल्प है। नवंबर से मार्च का मौसम आमतौर पर सुविधाजनक रहता है। यात्रा से पहले मौसम, टाइड टाइमिंग और स्थानीय वाहन नियम अवश्य जांच लें।