पानी पर दौड़ेगी मेट्रो; वाराणसी-अयोध्या,पटना समेत 18 शहरों को जाम से मिलेगी मुक्ति

भारतीय शहरों में ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब सड़कों के बजाय पानी का इस्तेमाल होने जा रहा है। देश के 18 प्रमुख शहरों में 'वाटर मेट्रो' (Water Metro) चलाने की तैयारी अंतिम चरण में है। जानें वाराणसी, अयोध्या से लेकर श्रीनगर और पटना तक, पानी पर तैरती इस आधुनिक सवारी की पूरी डिटेल

Authored by: रवि वैश्यUpdated May 21 2026, 09:09 IST
​पानी पर दौड़ेगी मेट्रो! 18 शहरों में तैयारीImage Credit : Wikimedia Commons/Canva01 / 07

​पानी पर दौड़ेगी मेट्रो! 18 शहरों में तैयारी

देश के 18 प्रमुख शहरों में 'वाटर मेट्रो' (Water Metro) चलाने की तैयारी अंतिम चरण में है। वाराणसी, अयोध्या से लेकर श्रीनगर और पटना तक, पानी पर तैरती इस आधुनिक सवारी का मजा लोगों मिलेगा।

​क्या है वाटर मेट्रो? समझें आसान भाषा मेंImage Credit : Wikimedia Commons/Canva02 / 07

​क्या है वाटर मेट्रो? समझें आसान भाषा में

कई लोग इसे सामान्य नाव या क्रूज़ समझने की भूल कर बैठते हैं, लेकिन यह पूरी तरह अलग है। वाटर मेट्रो दरअसल पानी पर चलने वाली एक हाई-टेक, वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बोट होती है। इसकी रफ्तार, लुक, टिकट सिस्टम (टोकन/स्मार्ट कार्ड) और सुरक्षा फीचर्स बिल्कुल जमीन पर चलने वाली पारंपरिक मेट्रो जैसे ही होते हैं।

​वाराणसी और अयोध्या में जलविहार!Image Credit : Wikimedia Commons/Canva03 / 07

​वाराणसी और अयोध्या में जलविहार!

उत्तर प्रदेश के दो सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों-वाराणसी (गंगा नदी) और अयोध्या (सरयू नदी) में वाटर मेट्रो का इंतजार खत्म होने वाला है। वाराणसी में यह नमो घाट से अस्सी घाट के बीच के सफर को बेहद आसान और ट्रैफिक-मुक्त बना देगी, जिससे पर्यटकों को घंटों के जाम से मुक्ति मिलेगी।

​श्रीनगर से पटना तक मचेगी धूमImage Credit : Wikimedia Commons/Canva04 / 07

​श्रीनगर से पटना तक मचेगी धूम

जम्मू-कश्मीर की डल झील और झेलम नदी (श्रीनगर) के साथ-साथ बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के रूट पर वाटर मेट्रो चलाने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। यह न सिर्फ स्थानीय लोगों के डेली कम्यूट (रोज के सफर) को सस्ता करेगी, बल्कि पर्यटन को भी नए पंख लगाएगी।

​देश के 18 शहरों की खुली लॉटरी!Image Credit : Wikimedia Commons/Canva05 / 07

​देश के 18 शहरों की खुली लॉटरी!

केंद्र सरकार के 'नेशनल वाटरवेज' प्रोजेक्ट के तहत कुल 18 शहरों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें असम का गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल का कोलकाता, प्रयागराज, और गोवा के तटीय इलाके शामिल हैं। कोच्चि में देश की पहली वाटर मेट्रो की भारी सफलता के बाद इस मॉडल को पूरे देश में लागू किया जा रहा है।

​क्यों है यह बेहद खास?​Image Credit : Wikimedia Commons/Canva06 / 07

​क्यों है यह बेहद खास?​

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 100% पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) है। ये मिनी-शिप बैटरियों और सोलर पावर से चलते हैं, जिससे न तो ध्वनि प्रदूषण होता है और न ही धुआं निकलता है। साथ ही, इसका किराया भी आम जनता की जेब को ध्यान में रखकर बेहद किफायती रखा जाएगा।

​कब से शुरू होगा सफर? Image Credit : Wikimedia Commons/Canva07 / 07

​कब से शुरू होगा सफर?

अलग-अलग शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और जेट्टी (स्टेशन) बनाने का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कई शहरों में इसका ट्रायल और फेज-1 ऑपरेशन शुरू हो जाएगा। क्या आप अपने शहर में वाटर मेट्रो का सफर करना चाहते हैं?

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