PM Modi In SRCC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान, पीएम मोदी के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि आज का कार्यक्रम देश के शिक्षा जगत के लिए भी अहम है, यहां एसआरसीसी का हिस्सा रहीं अनेक पीढ़ियां जुटी हैं। मैं आप सभी को एसआरसीसी के शताब्दी समारोह के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं इसके संस्थापक श्रीराम जी को आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं और उनके विजन को नमन करता हूं।
पीएम मोदी ने ऐसे समय में एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया, जब भाजपा ने Gen Z तक पहुंच बनाने के अपने प्रयास तेज किए हैं।
'एक छोटा कॉलेज, विशाल वृक्ष बना'
उन्होंने कहा कि जब कोई इंसान 100 वर्ष जीता है तो उसे अनुभवों का सागर माना जाता है। जब कोई संस्थान 100 वर्ष का होता है तो वो उपलब्धियों और प्रेरणाओं का महासागर हो जाता है। अपनी 100 वर्षों की इस यात्रा में एसआरसीसी ने पीढ़ियों का गढ़ा है, उन्हें उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है, जो आए उन्होंने पढ़ा और जो निकले वो गढ़े हुए निकले। उन्होंने कहा, ''इस कॉलेज की यात्रा दरियागंज के एक छोटे स्थान से शुरू हुई थी और आज वही छोटा सा कॉलेज एक विशाल वृक्ष बन चुका है। एक ऐसा विशाल वृक्ष जिसने कई पीढ़ियों को छांव भी दी है और अपनी शीतलता से समृद्ध भी किया है।''
PM मोदी ने सुनाया जेटली से जुड़ा किस्सा
पीएम मोदी ने कहा कि आज भी डीयू में जब कोई पूछता है कि कौन सा कॉलेज, तो एसआरसीसी कहना ही अपने आप में ही एक फैक्ट होता है। एसआरसीसी के एलुमनाई भी बहुत खास रहे। अगर मैं आपकी भाषा में कहूं तो यहां के एलुमनाई ओजी (OG) हैं, जिन्होंने एसआरसीसी का नाम दुनियाभर में पहुंचाया। अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक पहचान बनाई... इनमें से कुछ के साथ मुझे भी काम करने का अनुभव मिला है। हमारे अरुण जेटली जी यहीं पढ़े थे।
इस दौरान, पीएम मोदी ने अरुण जेटली से जुड़ा मजेदार किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा, '' मैं कह सकता हूं कि शायद हमारी कोई मुलाकात ऐसी नहीं होती थी जिसमें वह एसआरसीसी की घटना न सुनाते हो। कभी-कभी मैं तंग आ जाता था कि वह एक ही घटना बार-बार सुनाते थे।''
SRCC के लोगों ने मचाई धूम
पीएम मोदी ने कहा कि मेरी टीम में संजीव सान्याल भी यहीं से पढ़े हुए हैं। बाकी काफी साथी भी हैं। ऐसा नहीं है कि यहां से सिर्फ अर्थ जगत के लोग निकले हैं, कितने आर्टिस्ट, नेता, वकील यहां से निकले। जिसका मतलब साफ है कि एसआरसीसी के लोगों ने हर क्षेत्र में धूम मचाई है। धुरंधर न हों, लेकिन धूम तो मचाई है।
PM मोदी ने 2013 के भाषण का किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से इस कार्यक्रम की बहुत चर्चा चल रही है। खासकर लोग 2013 के मेरे संबोधन को याद कर रहे हैं और लोग मेरे संबोधन को फिर से सुना और पढ़ा है। संभव है कि इस नई पीढ़ी के लोगों ने भी उसको रिविजिट किया होगा। उस स्पीच की एक प्रकार से लहर बन गई थी और आज 13-14 साल भी उस सभा और संबोधन का प्रभाव बरकरार है। उन्होंने कहा, ''तब आपकी जगह आपके सीनियर बैठे थे। मैं तब सीएम तो था, लेकिन मैं देश की मुख्य विपक्षी पार्टी का सदस्य भी था और संभवत: तब लोग यह उम्मीद कर रहे थे कि मैं तब की केंद्र सरकार पर लंबे-चौड़े अटैक करूंगा। आरोपों की छड़ी लगा दूंगा, लेकिन विपक्ष में होने के बाद भी मैंने इस मंच का वो उपयोग नहीं किया था। मैंने एक विजन रखा, सकारात्मक बातें कहीं''
यहां सुने पूरा संबोधन:
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स भारत के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है और वाणिज्य, अर्थशास्त्र तथा प्रबंधन के क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है। सनद रहे कि पीएम मोदी ने इस साल अप्रैल में कॉलेज की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर अपने आवास पर कॉलेज के शासी मंडल और एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया था।
