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Kal Ka Mausam : अगले 60 घंटे सावधान! गिरेगी बिजली आएगा तूफान; 21 राज्यों में बारिश होगी मूसलाधार

kal ka mausam (06 September 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश, बाढ़ पर आईएमडी का अलर्ट : वीकेंड पर भारी बारिश के कारण कई हिस्सों पर भारी बारिश से मौसम काफी खराब रहेगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उत्तर भारत में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से तराई भाग बाढ़ की चपेट में रहेंगे।

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कल का मौसम

कल का मौसम : मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर भारत में तेज तूफानी हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। खासकर, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मेघ गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गंगा समेत कई बड़ी और छोटी नदियां उफान पर रहेंगी। उधर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर भागों पर मौसम खराब रहेगा। इस दौरान पहाड़ों पर लैंडस्लाइड और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की चेतावनी है। स्काईमेट ने महाराष्ट्र, गुजरात के साथ पश्चिमी घाट के सभी हिस्सों केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तेज गर्जना के साथ भारी से भारी वर्षा होने का अलर्ट है। कमोबेश ऐसा ही मौसम पूर्वोत्तर में दिखाई देगा।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कई विमान सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास खराब मौसम की संभावना है। नोएडा और गाजियाबाद भी शामिल हैं। बारिश के कारण न्यूनतम तापमान गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 3.4 डिग्री कम रहा। आईएमजी ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और दिन के दौरान पूरे क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

राजस्थान का मौसम कैसा है

राजस्थान के अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश हुई और धौलपुर जिले के सैपऊ में सबसे अधिक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बारां और झालावाड़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभागों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश भी दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर, चूरू, डीडवाना-कुचामन और नागौर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।

तमिलनाडु में वर्षा का बड़ा अलर्ट

तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। पश्चिमी घाट के जिलों और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश होने की आशंका है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी-वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मदुरै, शिवगंगा, रामनाथपुरम और विरुधुनगर जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तमिलनाडु के अन्य हिस्सों के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। 6 से 8 सितंबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में कैसा रहेगा मौसम

पश्चिम बंगाल के दक्षिण और उत्तरी इलाके के कई जिलों में सोमवार तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, एक लो प्रेशर सिस्टम अभी भी सक्रिय है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ट्रफ राजस्थान से मणिपुर तक उत्तर बंगाल होते हुए फैला हुआ है, जो राज्य भर में मौसम को प्रभावित कर रहा है। कई हिस्सों में आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। अगले 24 घंटों में मुर्शिदाबाद में भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। अधिकांश राज्यों में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अलर्ट है। आईएमडी ने सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों पर भारी से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने के लिए कहा है। अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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