​नौतपा 2026: भीषण गर्मी में आज भी काम आएंगे दादी-नानी के 100 साल पुराने 'देसी AC' नुस्खे!

आज से करीब 100 साल पहले जब इतने साधन नहीं थे तब लोग गर्मी को कैसे मात देते रहे होंगे। यानी तब AC-कूलर नहीं थे तब भी लोग नौतपा में रहते थे कूल। 100 साल पहले गर्मी से बचने के 'देसी AC' नुस्खे, खस की टट्टी, मटका, मिट्टी के घर। दादी-नानी के जुगाड़ जानें और क्या-क्या करते थे

Authored by: रवि वैश्यUpdated May 25 2026, 07:49 IST
100 साल पहले गर्मी का 'देसी AC', कैसे करता था काम?Image Credit : AI Image01 / 07

100 साल पहले गर्मी का 'देसी AC', कैसे करता था काम?

भीषण गर्मी और नौतपा की तपिश से बचना है? 100 साल पुरानी उस कूलिंग तकनीक को जानें, जिसे आज का 'देसी AC' कहा जा सकता है। जिससे नौतपा में भी रहते थे कूल

​नौतपा यानी साल के सबसे गर्म 9 दिनImage Credit : AI Image02 / 07

​नौतपा यानी साल के सबसे गर्म 9 दिन

100 साल पहले न AC था, न कूलर, फिर भी दादी-नानी रहती थीं कूल, क्या थीं उस वक्त भीषण गर्मी से बचाने वाली चीजें

​पेड़ के नीचे चारपाई यानी AC से भी ठंडी हवा​Image Credit : AI Image03 / 07

​पेड़ के नीचे चारपाई यानी AC से भी ठंडी हवा​

2-3 फीट मोटी दीवारें गर्मी रोकती थीं जिससे घर दिनभर ठंडा रहता था। सुबह-शाम पानी छिड़कते थे जिससे तापमान 4-5° कम हो जातादिन में पेड़ के नीचे चारपाई यानी AC से भी ठंडी हवा मिलती थी

​मिट्टी का मटकाImage Credit : AI Image04 / 07

​मिट्टी का मटका

फ्रिज नहीं था तो मटके का पानी जो पानी को बेहद लंबे समय तक ठंडा रखता था। घड़े का छिद्रयुक्त स्वभाव पानी को वाष्पीकरण के जरिए प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता था और फायदेमंद भी

गीला सूती कपड़ा दरवाजे-खिड़की पर Image Credit : AI Image05 / 07

गीला सूती कपड़ा दरवाजे-खिड़की पर

गीला सूती कपड़ा दरवाजे-खिड़की पर टांग देते थे जिससे गर्म लू छनकर ठंडी हवा बन जाती थी, खिड़कियों पर खस की घास की चटाई (खस की टट्टी) टांगना भी था उपाय

​सफेद सूती कपड़ेImage Credit : AI Image06 / 07

​सफेद सूती कपड़े

सफेद सूती कपड़ों का ज्यादा चलन और सिंथेटिक नहीं, सिर्फ कॉटन जो पसीना सोखकर बॉडी कूल रखता था। रात में छत पर पानी छिड़ककर सोते थे। वहीं सूरज से पहले उठकर और भोर में ज्यादातर काम निपटाकर गर्मी को मात देते थे।

सत्तू-छाछ, शरबत का सेवन 07 / 07

सत्तू-छाछ, शरबत का सेवन

पुराने जमाने में ज्यादातर सत्तू, छाछ और बेल शरबत का सेवन बॉडी को अंदर से कूल रखता था जिससे लू नहीं लगती थी। वहीं बेल का शरबत नौतपा में रोज पीते थे जो हीट स्ट्रोक का देसी तोड़ है।

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