Lifeline Express Train: भारतीय रेल का कमाल! दुनिया की पहली हॉस्पिटल ट्रेन; कब चलती है ये रेलगाड़ी?

Lifeline Express Train: भारत जैसे विशाल देश में, जहां आज भी कई ग्रामीण इलाके बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से कोसों दूर हैं, वहां 'लाइफलाइन एक्सप्रेस' उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है। यह दुनिया की पहली ऐसी ट्रेन है, जिसे पूरी तरह से एक अत्याधुनिक अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। 16 जुलाई 1991 को शुरू हुआ यह सफर आज भी जारी है, जिसका एकमात्र उद्देश्य उन लोगों तक मुफ्त और बेहतर इलाज पहुंचाना है, जो बड़े शहरों के अस्पतालों तक नहीं पहुंच सकते।

Produced by: पीयूष कुमारUpdated Apr 24 2026, 07:27 IST
​​कब हुई थी ट्रेन की शुरुआत?​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI01 / 07

​​कब हुई थी ट्रेन की शुरुआत?​

लाइफलाइन एक्सप्रेस की शुरुआत 1991 में एक क्रांतिकारी विचार के साथ हुई थी, जिसका श्रेय 'इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन', भारतीय रेलवे और स्वास्थ्य मंत्रालय को जाता है। शुरुआत में इसे केवल तीन कोचों के साथ लॉन्च किया गया था, ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता दी जा सके। यह दुनिया की पहली 'हॉस्पिटल ऑन व्हील्स' (Hospital on Wheels) बनी, जिसने साबित किया कि अगर मरीज अस्पताल तक नहीं पहुँच सकता, तो अस्पताल को मरीज तक पहुंचाया जा सकता है।

​​दूर-दराज इलाकों में पहुंचती सुविधा​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI02 / 07

​​दूर-दराज इलाकों में पहुंचती सुविधा​

यह ट्रेन उन जगहों तक जाती है जहां अस्पताल या डॉक्टर नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में कैंप लगाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मरीजों को यहां लाया जाता है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलती है।

​​ट्रेन के अंदर पूरा अस्पताल​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI03 / 07

​​ट्रेन के अंदर पूरा अस्पताल​

इस ट्रेन में ऑपरेशन थिएटर, लैब और मेडिकल उपकरण मौजूद होते हैं। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार सेवा देती है। आधुनिक तकनीक के जरिए गंभीर बीमारियों का इलाज संभव होता है। हर कोच को खास मेडिकल जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

​मुफ्त इलाज और सर्जरी​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI04 / 07

​मुफ्त इलाज और सर्जरी​

यहां मरीजों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाता है। आंख, कान, हड्डी और कैंसर जैसी बीमारियों की सर्जरी होती है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलता है। यह ट्रेन कई लोगों को नई जिंदगी देने का काम कर रही है।

​​कोच के भीतर 'मल्टी-स्पेशियलिटी' सुविधाएं​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI05 / 07

​​कोच के भीतर 'मल्टी-स्पेशियलिटी' सुविधाएं​

इस ट्रेन के डिब्बों के अंदर कदम रखते ही आपको किसी बड़े शहर के अस्पताल जैसा अहसास होगा। लाइफलाइन एक्सप्रेस के सात कोचों में दो अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, पाँच ऑपरेटिंग टेबल, एक पैथोलॉजी लैब और एक आधुनिक एक्स-रे यूनिट मौजूद है। यहाँ गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सभी जरूरी मशीनें उपलब्ध हैं।

कब चलती है ये ट्रेन?​Image Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI06 / 07

कब चलती है ये ट्रेन?​

रेल हादसों के दौरान इलाज के लिए लाइफलाइन एक्सप्रेस (Lifeline Express) नहीं, बल्कि खास तौर पर तैयार की गई Accident Relief Medical Equipment Train को मौके पर भेजा जाता है।यह ट्रेन पूरी तरह आधुनिक मेडिकल सुविधाओं और जरूरी उपकरणों से लैस होती है, ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके। इसमें आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों की टीम और जरूरी संसाधन मौजूद रहते हैं।

ट्रेन को दी जाती है प्राथमिकताImage Credit : @RailMinIndia/twitter/ Canva AI07 / 07

ट्रेन को दी जाती है प्राथमिकता

ARME ट्रेन को भारतीय रेलवे में सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। हालात ऐसे होते हैं कि इसके लिए राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) और शताब्दी (Shatabdi Express) जैसी तेज ट्रेनों को भी रोक दिया जाता है, ताकि यह बिना किसी देरी के दुर्घटनास्थल तक पहुंच सके।​

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