हिमाचल प्रदेश में स्पीति वैली रोड अपने ऊबड़-खाबड़ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए जानी जाती है। इस रोड पर कई जगह खड़ी चढ़ाई और संकरे रास्तों के साथ ही अचानक मौसम बदलने से भी समस्या होती है। अक्सर लैंडस्लाइड की वजह से इस रोड पर आवाजाही बंद हो जाती है।
शिमला-किन्नौर रोड कई जगहों पर संकरी है, ऊबड़-खाबड़ इलाकों से होकर गुजरती है। कई जगह पर रास्ते में खड़ी चट्टानें और तीखे मोड़ भी हैं और यहां लैंडस्लाइड का खतरा भी हमेशा बना रहता है।
महाराष्ट्र में मौजूद नेरल-माथेरन रोड अपने घुमावदार मोड़ों, तीव्र ढलानों और रेलिंगों के अभाव के लिए प्रसिद्ध है। इसकी वजह से इस रोड पर गाड़ी चलाना बेहद खतरनाक हो जाता है।
खार्दुंगला दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर पास यानी दर्रों में से एक है और यह लद्दाख में है। यह समुद्र तल से 18,380 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है। यह रोड कई जगह ऊबड़-खाबड़ है और तीखे मोड़ हैं।
समुद्र तल से 17,586 फीट की ऊंचाई पर मौजूद चांगला पास दुनिया के सबसे ऊंचे गाड़ी जाने योग्य दर्रों (Motorable Passes) में से एक है। इसमें बर्फ से ढकी सड़कें, तीखे मोड़ और गहरी खाईयां हैं।
श्रीनगर-लेह हाईवे पर मौजूद जोजिला पास देश के सबसे खतरनाक पर्वतीय दर्रों में से एक है। यह सड़क बहुत ही संकरी है, जिसमें खड़ी ढलानें हैं। यहां के अप्रत्याशित मौसम के कारण अचानक बर्फबारी भी होने लगती है।
यह हाई ऑल्टीट्यूड रोड हिमाचल प्रदेश में मनाली को लद्दाख के लेह शहर से जोड़ती है। इसे अपने ऊबड़-खाबड़ इलाके और एक्स्ट्रीम वेदर कंडीशन्स के लिए जाना जाता है। यहां पर संकरे और घुमावदार रास्ते हैं, खड़ी चढ़ाई है और अक्सर लैंडस्लाइड भी होते रहते हैं।