नो कॉन्टैक्ट रूल का मतलब है ब्रेकअप के बाद एक तय समय तक अपने एक्स पार्टनर से पूरी तरह संपर्क तोड़ देना। इसमें कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया स्टॉकिंग, लाइक शेयर, यहां तक कि कॉमन दोस्तों के जरिए खबर लेना भी शामिल नहीं होता। आमतौर पर इसे 30 से 60 दिन तक अपनाने की सलाह दी जाती है। (All Photos: iStock)
ब्रेकअप के बाद भावनाएं कच्ची होती हैं। ऐसे में लगातार बात करने से उम्मीदें जिंदा रहती हैं और मन बार-बार उसी रिश्ते में अटका रहता है। नो कॉन्टैक्ट रूल दिल और दिमाग दोनों को रीसेट करने का मौका देता है।
यह दूरी आपको यह समझने में मदद करती है कि रिश्ता सच में क्यों टूटा और उसमें आपकी क्या भूमिका थी।
जब सामने वाले की आवाज, मैसेज या फोटो रोज नहीं दिखते, तो दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है। आत्मसम्मान लौटता है और खुद पर फोकस बढ़ता है।
अगर रिश्ता टॉक्सिक था तो बार-बार संपर्क से वही चक्र चलता रहता है। नो कॉन्टैक्ट उसे तोड़ देता है।
जब आप दूर रहते हैं, तो एक्स को भी आपकी कमी महसूस होती है। कई बार एक्स खुद वापस संपर्क करता है, क्योंकि अनुपस्थिति दिल में जगह बनाती है।
यह आपको इमोशनल तौर पर मजबूत बनाता है और आगे की जिंदगी के लिए तैयार करता है। चाहे वो नई शुरुआत हो या खुद के लिए सोचना।