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'7.5 करोड़ छात्रों पर पड़ा पेपर लीक का असर', देहरादून में राहुल गांधी बोले- 152 मामलों में एक भी व्यक्ति को नहीं मिली सजा

Chhatron Ki Goonj Programme: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पेपर लीक का मुद्दा उठाया।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (फोटो साभार: @INCIndia)

Photo : Twitter

Chhatron Ki Goonj Programme: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पेपर ली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक अब आम बात हो गई है। लगभग 7.5 करोड़ छात्रों पर इसका असर पड़ा है। 152 मामले सामने आए हैं, लेकिन एक भी दोषी नहीं पाया गया। एक भी व्यक्ति को सजा नहीं मिली है।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे शैक्षणिक संस्थान स्वतंत्र होने चाहिए। संस्थानों पर किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का कब्जा नहीं होना चाहिए। कुलपति किसी एक संगठन के नहीं होने चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के प्रभारी भी किसी एक राजनीतिक संगठन के नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की कोई भी परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन आयोजित की जाती है, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल और प्रश्नपत्रों का यादृच्छिकीकरण (रैंडमाइजेशन) करके परीक्षाएं एक दिन के बजाय कई दिनों में कराई जा सकती हैं।

'40 लाख में बिकता है NEET का पेपर'

उन्होंने कहा, ''जैसे किसी रेस्त्रां में मेन्यू कार्ड होता है ठीक वैसे ही लीक हुए एग्जाम पेपर का रेट कार्ड मौजूद है। नीट का 40 लाख, IIT-JEE और उत्तराखंड पटवारी परीक्षा का 15-15 लाख, बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का 10 लाख और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का 25 लाख रुपये का पेपर खरीदा जा सकता है। हमने महज 4-5 उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसे हर राज्य में उदाहरण मौजूद हैं।''

'करोड़ों छात्र सालाना करते हैं परीक्षा की तैयारी'

राहुल गांधी ने कहा कि हर साल देश के करोड़ों बच्चे 5 साल के लिए अपनी नार्मल लाइफ को छोड़कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। 8 से 10 घंटे नॉनस्टॉप रात-दिन पढ़ाई करते हैं... दूर से ऐसा प्रतीत होता है कि महज आप लोग मेहनत करते हैं, लेकिन पूरा परिवार आपकी मदद करता है। 99 फीसदी लोगों के माता-पिता मिडिल क्लास और गरीब घरों के होते हैं।

उन्होंने कहा कि इन 5 साल में करीब 9 लाख रुपये का खर्च आता है, जो परिवार अपनी जमापूंजी और कर्ज लेकर जुटाता है। ऐसे में सवाल है कि हिंदुस्तान में करोड़ों युवाओं को इस रास्ते पर क्यों चलना पड़ता है? जवाब है- क्योंकि आपके सामने बाकी सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं और सिर्फ सरकारी नौकरी का दरवाजा खुला हुआ है।

'150 में से एक ही युवा सफल'

राहुल गांधी ने आगे कहा, ''देश में 9 करोड़ अभ्यर्थियों में सिर्फ 6 लाख अभ्यर्थी कामयाब होते हैं। यानी- 150 में से एक युवा ही सफल होगा, लेकिन देश में दो रास्ते हैं। पहला ईमानदारी का, जबकि दूसरा भ्रष्टाचार और पेपर लीक का रास्ता है। मगर देश के 99 फीसदी छात्र ईमानदार हैं और वह भ्रष्टाचार के रास्ते पर नहीं चलते हैं, लेकिन 1 फीसदी लोग सिस्टम का प्रयोग कर भ्रष्टाचार के रास्ते पर चलते हैं और बाकी छात्रों का नुकसान करते हैं।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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