भारत का भूगोल बेहद विविध और रोचक है। हिमालय, अरावली, पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट जैसी पर्वत श्रृंखलाएं देश की पहचान हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत को उत्तर और दक्षिण दो भागों में बांटने वाला पर्वत कौन सा है।
बता दें यहां हम विंध्य पर्वतमाला की बात कर रहे हैं। सदियों से इसे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच एक प्राकृतिक सीमा माना जाता रहा है।
विंध्य पर्वतमाला मुख्य रूप से मध्य भारत में स्थित है। यह गुजरात से शुरू होकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार तक फैली हुई मानी जाती है।
इस पर्वतमाला की कुल लंबाई 1,000 किलोमीटर के आसपास है। यह पर्वतमाला बहुत अधिक ऊंची नहीं है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
विंध्य पर्वतमाला के दक्षिण में सतपुड़ा पर्वतमाला स्थित है। इन दोनों पर्वत श्रंखलाओं के बीच से भारत की प्रसिद्ध नर्मदा नदी पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में जाकर मिलती है।
इसके अलावा धार्मिक दृष्टि से भी विंध्य पर्वतमाला का बेहद महत्व है। विंध्याचल क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के विंध्याचल धाम का संबंध इसी पर्वत श्रृंखला से माना जाता है। यहां मां विंध्यवासिनी का मंदिर है।
विंध्य क्षेत्र में घने जंगल, वन्यजीव अभयारण्य और कई प्रकार के दुर्लभ पौधे-पशु पाए जाते हैं। बाघ, तेंदुआ, भालू, सांभर और कई पक्षी प्रजातियां इस क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का हिस्सा हैं।