पूजा में चढ़ने वाले कनेर के फूल में छिपे हैं कई औषधीय गुण, जानें किन समस्याओं में हो सकता है फायदेमंद

कनेर का फूल सिर्फ पूजा-पाठ में ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में भी खास महत्व रखता है। इसके कुछ औषधीय गुण त्वचा, जोड़ों और अन्य समस्याओं में उपयोगी माने गए हैं। हालांकि यह पौधा विषैला भी होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

Authored by: VineetUpdated Jul 17 2026, 16:17 IST
कनेर के फूल के औषधीय गुणImage Credit : Istock/ AI01 / 07

कनेर के फूल के औषधीय गुण

कनेर का फूल लगभग हर मंदिर में आसानी से दिखाई दे जाता है। लोग इसे भगवान को अर्पित करते हैं और इसकी खूबसूरती की भी खूब तारीफ करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आयुर्वेद में कनेर का जिक्र एक औषधीय पौधे के रूप में भी मिलता है। हालांकि यह बात भी उतनी ही जरूरी है कि कनेर एक विषैला पौधा है। इसलिए इसका इस्तेमाल कभी भी अपने मन से नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि आयुर्वेद और उपलब्ध शोध के अनुसार कनेर किन समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।

कुछ त्वचा की समस्याओं में किया जाता है इस्तेमालImage Credit : Istock/ AI02 / 07

कुछ त्वचा की समस्याओं में किया जाता है इस्तेमाल

आयुर्वेद में कनेर से तैयार की गई कुछ दवाओं का उपयोग दाद, खुजली और पुराने घाव जैसी त्वचा की परेशानियों में किया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप इसके फूल या पत्ते सीधे त्वचा पर लगा लें। ऐसा करना नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका उपयोग हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

जोड़ों के दर्द में मिल सकती है राहतImage Credit : Istock/ AI03 / 07

जोड़ों के दर्द में मिल सकती है राहत

पारंपरिक आयुर्वेद में कनेर से बने कुछ बाहरी लेप और तेल का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द और सूजन में किया जाता रहा है। माना जाता है कि सही तरीके से तैयार की गई औषधियां दर्द कम करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि हर व्यक्ति पर इसका असर अलग हो सकता है।

घाव भरने में भी माना जाता है उपयोगीImage Credit : Istock/ AI04 / 07

घाव भरने में भी माना जाता है उपयोगी

कुछ पारंपरिक उपचारों में कनेर से बनी दवाओं का इस्तेमाल पुराने घावों की देखभाल के लिए भी किया जाता है। वहीं, कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इसके कुछ गुणों पर शोध हुआ है। हालांकि अभी इस पर और बड़े स्तर पर रिसर्च की जरूरत है।

कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता पर हो रहा है शोधImage Credit : Istock/ AI05 / 07

कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता पर हो रहा है शोध

शोध में यह भी देखा गया है कि कनेर में ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हो सकते हैं जो कुछ बैक्टीरिया और फंगस की बढ़त को रोकने में मदद करें। लेकिन यह शोध अभी शुरुआती स्तर पर हैं। इसलिए इसे किसी बीमारी का घरेलू इलाज मानना सही नहीं होगा।

फायदे हैं लेकिन सावधानी सबसे जरूरीImage Credit : Istock/ AI06 / 07

फायदे हैं लेकिन सावधानी सबसे जरूरी

कनेर के फूल, पत्ते, तना और उसका रस शरीर के लिए जहरीला हो सकता है। गलती से इसका सेवन करने पर उल्टी, चक्कर, पेट खराब होना और दिल से जुड़ी गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं। इसलिए पूजा में चढ़ने वाला यह फूल औषधीय गुण जरूर रखता है, लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए। यही तरीका सुरक्षित भी है और सही भी।

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​डिस्क्लेमर​

प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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