Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून का अलग-अलग असर दिख रहा है, जिससे कहीं भारी तबाही तो कहीं गर्मी का दौर जारी है। राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर है और गर्मी बढ़ रही है, लेकिन अगले सप्ताह से यहां इसके दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं, जिससे रेल-सड़क यातायात और स्कूल पूरी तरह ठप हो गए हैं। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में अगले हफ्ते से एक्टिव होगा मानसून
राजस्थान में इस हफ्ते कमजोर रहे मानसून के अगले सप्ताह फिर एक्टिव होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में 21 जुलाई से बारिश संबंधी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 22 और 23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी तथा मध्य भागों में भी वर्षा की गतिविधियां तेज होने की पूरी संभावना है। जुलाई के आखिरी हफ्ते में पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी मानसून के जोर पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, शुक्रवार को दिन में कोटा में 16.6 मिलीमीटर और डूंगरपुर में 12.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, राज्य में अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 41.1 डिग्री सेल्सियस और बीकानेर में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर भारी बारिश से हाल बेहाल
वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे न सिर्फ रेल और सड़क यातायात बाधित हुआ बल्कि स्कूलों को भी बंद करना पड़ा और बचाव अभियान शुरू करने पड़े। बिलासपुर में बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार शाम तक रुक-रुक कर भारी बारिश हुई, जबकि पड़ोसी जिलों जैसे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम), मुंगेली और जांजगीर-चंपा में पिछले 24-48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "जिले की सिपत तहसील में सबसे ज्यादा 110.2 मिमी बारिश हुई। बिलासपुर तहसील में 90 मिमी बारिश दर्ज की गई।" लगातार बारिश की वजह से बिलासपुर के आस-पास राष्ट्रीय राजमार्गों के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया। कुछ जगहों पर सड़कों के ऊपर चार से पांच फीट पानी बह रहा था, जिससे गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई।
बिलासपुर में कई सड़कें तालाब में तब्दील
अर्पा नदी के उफान पर होने से बिलासपुर में कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि रात भर हुई भारी बारिश के चलते बिलासपुर रेलवे स्टेशन और उसके यार्ड में पटरियां भी पानी में डूब गईं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, "पटरियों पर जलभराव के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कम से कम पांच ट्रेन रद्द कर दी गईं, जबकि तीन ट्रेन को या तो बीच में ही रोक दिया गया या फिर बीच के किसी स्टेशन से ही शुरू किया गया।" बिलासपुर में पानी के बहाव को नियंत्रित करने और बाढ़ को रोकने के लिए नदी पर बने अर्पा-भैसाझार बैराज के गेट आंशिक रूप से खोल दिए गए हैं। बिलासपुर की रिहायशी कॉलोनियों जैसे ओल्ड बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, श्रीकांत वर्मा मार्ग, व्यापार विहार, हंसा विहार, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मोपका, सिरगिट्टी, मंगला और उसलापुर में सड़कों पर दो से तीन फीट पानी भरा रहा।
हिमाचल के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
इसके साथ ही मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में 19 से 22 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई है। 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने हिमाचल प्रदेश में 22 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। साथ ही लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों और यातायात परामर्श का पालन करने की सलाह दी गई है तथा लोगों से संवेदनशील इलाकों और जलस्रोतों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मिट्टी खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर भी चेतावनी जारी की है। नदियों और अन्य जलस्रोतों में जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम ज्यादातर शुष्क रहा। इस दौरान शिमला जिले के सराहन में सबसे अधिक 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कुकुमसेरी में राज्य का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि दिन के समय ऊना सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ओडिशा में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान
IMD ने शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी के भुवनेश्वर केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि यह मौसम प्रणाली शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र, उससे सटे झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बनी रही। इसके अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, नुआपाड़ा और बोलांगीर जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मनोरमा ने बताया कि रविवार को क्योंझर और मयूरभंज जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि सोमवार को सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, राज्य के कई अन्य हिस्सों में 22 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को मयूरभंज जिले के बारिपदा में सबसे अधिक 34.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
