बरसाना की पहचान ही श्री राधा रानी मंदिर यानी श्रीजी मंदिर से है। भानुगढ़ पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर राधा अष्टमी के मुख्य आकर्षणों में रहता है। यहां दर्शन के बाद आसपास के दूसरे धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ सकते हैं।
राधा अष्टमी के मौके पर अगर आप बरसाना जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल श्रीजी मंदिर के दर्शन तक अपनी यात्रा सीमित न रखें। बरसाना और इसके आसपास कई ऐसे मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जहां राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी मान्यताएं आज भी ब्रज की संस्कृति को जीवंत करती हैं।
इस साल राधा अष्टमी 19 सितंबर 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। राधा रानी की जन्मस्थली माने जाने वाले बरसाना में इस दिन विशेष उत्सव होता है।
श्रीजी मंदिर के बाद कीर्ति मंदिर जाना एक अलग अनुभव देता है। यह मंदिर राधा रानी की माता कीर्ति देवी को समर्पित है। मुख्य मंदिर की भीड़ के बीच यह स्थान भक्तों को कुछ शांत पल बिताने का अवसर देता है।
बरसाना की मानगढ़ पहाड़ी पर स्थित मान मंदिर भी यात्रा में शामिल किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं और ब्रज की लोक परंपराओं से जुड़ा यह स्थल बरसाना के आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ आसपास के मनोरम दृश्य भी दिखाता है।
बरसाना से करीब 8-10 किलोमीटर दूर नंदगांव को यात्रा का अगला पड़ाव बनाया जा सकता है। यहां स्थित नंद भवन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और नंद बाबा से जुड़ी ब्रज परंपरा का प्रमुख केंद्र है। बरसाना-नंदगांव की यात्रा राधा-कृष्ण की ब्रज लीला को एक साथ महसूस करने का अवसर देती है।
बरसाना के धार्मिक स्थलों की सूची में दान बिहारी मंदिर को भी शामिल किया जा सकता है। यह छोटा लेकिन आस्था से जुड़ा स्थल आपकी यात्रा को और विस्तार देता है। इसके साथ आसपास के कुंड और ब्रज की गलियों में घूमना यात्रा को यादगार बना सकता है।