आयुर्वेद में अमरूद के पत्तों का इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा संबंधी समस्याओं और बालों की देखभाल में किया जाता रहा है। इन पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फ्लेवोनॉइड्स, टैनिन और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।
अमरूद के पत्तों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि ये पिंपल्स और एक्ने की समस्या को कम करने में सहायक माने जाते हैं।
अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है तो अमरूद के पत्तों का टोनर अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इससे चेहरे पर चिपचिपाहट कम महसूस होती है और रोमछिद्र भी साफ रहते हैं।
इन पत्तों में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इससे त्वचा स्वस्थ दिख सकती है और उसका प्राकृतिक निखार बना रह सकता है।
अमरूद के पत्तों का पानी स्कैल्प की मालिश के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे स्कैल्प साफ रहती है और बालों की जड़ों को पोषण मिल सकता है, जिससे हेयर फॉल कम होने में मदद मिल सकती है।
इन पत्तों के एंटीमाइक्रोबियल गुण स्कैल्प पर मौजूद फंगस और बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। नियमित उपयोग से डैंड्रफ की समस्या में कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।
उबले हुए अमरूद के पत्तों को पीसकर उसमें एक चम्मच दही या एलोवेरा जेल मिला लें। इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और फिर सामान्य पानी से धो लें। इसके अलावा 15-20 अमरूद के पत्तों को लगभग एक लीटर पानी में 20 मिनट तक उबालें। पानी ठंडा होने के बाद शैंपू करने के बाद इसे बालों और स्कैल्प पर डालें। हल्की मालिश करें और कुछ मिनट बाद सामान्य पानी से धो लें।